सरहद पर टेंशन के बीच इस साल बलशाली रक्षा बजट की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्री ने तो अपने बजट भाषण में इसका जिक्र तक नहीं किया. इस बार का कुल रक्षा बजट करीब 4.78 लाख करोड़ है, जबकि पिछले साल यानि 2020-21 में ये 4.71 लाख करोड़ था. हालांकि फिर भी हथियारों के लिए कैपिटल-बजट में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
- 1.35 लाख करोड़ सेनाओं के हथियार खरीदने और आधुनिकिकरण के लिए
- ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि इस बार पेंशन बजट कम हो गया है
- पिछले साल रक्षा का पेंशन बजट 1.33 लाख करोड़ था जो इस साल करीब 1.15 लाख करोड़ है
- रक्षा बजट में कर्मचारियों की सैलरी और दूसरे खर्चों के लिए 2.27 लाख करोड़ का प्रावधान
वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा बजट की तारीफ की है.