दुनिया में हर जगह लोग रक्तदान करते हैं. अमेरिका में नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन की ओर से पेश की गई रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में लोग हर साल 100 मिलियन यूनिट से अधिक ब्लड डोनेट करते हैं.
विश्व स्वास्थ्य संगठन कहता है कि आपका ब्लड डोनेट करने का फ़ैसला एक नहीं कई ज़िंदगियां बचा सकता है. सिर्फ ब्लड ही नहीं, इसके अलग-अलग कॉम्पोनेंट्स जैसे रेड ब्लड सेल्स, प्लेटलेट्स और प्लाज़्मा का इस्तेमाल विशेष बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों के इलाज में अलग-अलग तरह से किया जा सकता है.
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इसीलिए तो रक्तदान महादान कहलाता है. ख़ून देकर आप किसी की ज़िंदगी बचा सकते हैं, लेकिन कई लोग रक्तदान करने से डरते हैं. आमतौर पर इस डर के पीछे रक्तदान से जुड़ी कुछ बातें होती हैं जो ब्लड डोनेट करने और ज़रूरतमंदों की मदद करने से रोकती है जो सच नहीं हैं. आइए जानते हैं रक्तदान से जुड़े कुछ ऐसे ही मिथक और भ्रम के बारे में जिन्हें तोड़कर आप बेफिक्र होकर ब्लड डोनेट कर सकते हैं.
मिथक-1: रक्तदान आपको बीमार कर सकता है
ब्लड डोनेट करने के बाद एक स्वस्थ व्यक्ति ना तो बीमार होगा और ना पहले से कमज़ोर होगा. डॉक्टर ब्लड डोनर्स को रक्तदान के बाद एक दिन आराम करने और भरपूर मात्रा में लिक्विड यानि तरल पदार्थ पीने की सलाह देते हैं. न्यूयॉर्क के Memorial Sloan Kettering Cancer Center की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि डोनर्स के ख़ून की मात्रा को सामान्य होने में लगभग 48 घंटे लगते हैं.
मिथक-2: बल्ड डोनेट करने में दर्द होगा
अमेरिका की नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन के मुताबिक, रक्तदान के बाद, इंजेक्शन वाली जगह पर थोड़ा दर्द हो सकता है. ब्लड लेने के लिए नर्स एक छोटी सी नीडल आपकी बांह में इंजेक्ट करती हैं और इसके अलावा कुछ भी नहीं करना होता है. इस प्रक्रिया के दौरान आपको हल्की सी चुभन महसूस होगी. कुछ लोगों को चोट लगने जैसा महसूस हो सकता है लेकिन आमतौर पर इसका कोई नुकसान नहीं होता और ये कुछ ही दिन में अपने आप ग़ायब भी हो जाता है.
मिथक 3: साल में एक बार ही किया जा सकता है रक्तदान
न्यूयॉर्क में मेमोरियल स्लोअन केटरिंग कैंसर सेंटर की सलाह है कि आम तौर पर, रक्तदान के बाद अगली बार ब्लड डोनेट करने के लिए एक डोनर को कम से कम 56 दिनों तक इंतज़ार करना चाहिए. हालांकि, लोगों के हिसाब से ये ड्यूरेशन अलग-अलग हो सकता है इसीलिए बेहतर है कि ब्लड डोनेट करने से पहले डॉक्टर से ज़रूर परामर्श लें.
मिथक 4: पियर्सिंग या टैटू वाले लोग रक्तदान नहीं कर सकते हैं
अगर आपने टैटू बनवाया है तो ऐसे में अमेरिकन रेड क्रॉस टैटू के बाद 3 महीने तक इंतज़ार करने की सलाह देता है. एनजीओ के मुताबिक, पियर्सिंग के लिए भी यही नियम लागू होता है.