कोरोना काल के कहर के बाद किसी भव्य और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म का थिएटर में आना बॉलीवुड ही नहीं फिल्म प्रेमियों के लिए भी खुशी का सबब है और ये पहल हुई है, निर्देशक रंजीत एम तिवारी (Ranjit M Tewari) और निर्माता वाशु भगनानी की फिल्म 'बेल बॉटम' (Bell Bottom) से.
सच्ची घटनाओं से प्रेरित इस फिल्म की कहानी एक रॉ ऐजेंट (Raw Agent) की है, जिसे हम एक ऐसा अनसंग हीरो भी कह सकते हैं, जिसकी जांबाजी, सूझ-बूझ और साहस से हाइजेक हुए एक प्लेन के न केवल पैसेंजर बचा लिए जाते हैं बल्कि उस प्लेन को अगवा करने वाले आतंकवादियों को भी पकड़ लिया जाता है. फिल्म की पृष्ठ्भूमि अस्सी के दशक की है, जब देश की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी हुआ करती थीं. यह वो दौर था, जब देश में एक के बाद एक ऐसी घटनाएं हो रही थीं.
फिल्म का फर्स्ट हाफ कहानी और किरदारों को डेवलप करने के चक्कर में थोड़ा स्लो लगता है, मगर सेकंड हाफ में कहानी का थ्रिलर आस्पेक्ट फिल्म को मजबूत बनाता है. फिल्म के दूसरे भाग में कई टर्न और ट्विस्ट हैं, जो दर्शकों को बांधे रखते हैं. फिल्म में अक्षय कुमार (Akshay Kumar) एक बार फिर अपने हीरोइक अंदाज में नजर आते हैं. अस्सी के दशक को निर्देशक पर्दे पर साकार करने में कामयाब रहे हैं. हमारी तरफ से मिलते हैं फिल्म को 3 स्टार्स
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