बुधवार शाम को कैबिनेट विस्तार(Modi Cabinet Expansion) की खबरों के बीच एक और खबर सामने आई है. केंद्र सरकार ने विनिवेश(Disinvestment) की राह को आसान बनाने के लिए देश के 36 बड़ी कंपनियों का भारी उद्योग मंत्रालय से वित्त मंत्रालय में ट्रांसफर कर दिया है.
जिन कंपनियों को ट्रांसफर किया जा राह है, उनमें BHEL, HMT, Scooters India और Andrew Yule का नाम शामिल है. सरकार के ऐसा करने से कंपनियों का रणनीतिक विनिवेश आसान होगा.दरअसल सरकार ने पहले से ही रणनीतिक बिक्री के लिए लगभग 35- सीपीएसई को Categorise किया है. उनमें एयर इंडिया, पवन हंस, बीईएमएल, स्कूटर्स इंडिया, भारत पंप कंप्रेशर्स और प्रमुख इस्पात कंपनी- सेल की भद्रावती, सलेम और दुर्गापुर इकाइयां शामिल हैं.
जिन दूसरी CPSE को एकमुश्त बिक्री के लिए मंजूरी दी गई है, उसमें हिंदुस्तान फ्लोरोकार्बन, हिंदुस्तान न्यूजप्रिंट, एचएलएल लाइफ केयर, सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्रिज एंड रूफ इंडिया, एनएमडीसी का नागरनार इस्पात संयंत्र और सीमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और आईटीडीसी की यूनिट शामिल हैं.
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