भारत में इसी महीने के अंत तक बच्चों के लिए स्वदेशी वैक्सीन (vaccine) उपलब्ध हो जाने की उम्मीद है. 5 से 12 वर्ष की आयुवर्ग वाले बच्चों पर जायडस-कैडिला (Zydus-Cadila) की स्वदेशी वैक्सीन के तीसरे चरण का परीक्षण पूरा हो चुका है. नीति आयोग (Niti ayog) के सदस्य डॉ. वीके पॉल का मानना है कि एक बार बच्चों के टीकाकरण का अभियान शुरू हो जाता है तो एक ही समय में सबके लिए टीके उपलब्ध कराने की जरुरत होगी. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमें लगभग 25 करोड़ डोज की जरुरत होगी.
डॉ पॉल (Dr VK Paul) ने कहा कि केवल 12 से 18 वर्ष के आयुवर्ग की बात करें तो इनकी जनसंख्या लगभग 13 से 14 करोड़ होगी. इतनी बड़ी आबादी के वैक्सीनेशन के लिए हमें लगभग 25 से 26 करोड़ डोज की जरुरत होगी. हमें ये सभी डोज एक बार में ही उपलब्ध करानी होगी. कुछ बच्चों (children) को वैक्सीन लगे और कुछ इस से वंचित रह जाए हम ऐसा बिल्क़ुल नहीं होने दे सकते.