कोरोना के कहर के बीच महंगाई की मार ने आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं. मार्च महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़ने के बाद अब थोक महंगाई दर लंबी छलांग लगाते हुए 7.39 फीसदी पर पहुंच गयी है. यह बीते 8 साल की सबसे ऊंची छलांग है. फरवरी 2021 में थोक मूल्य सूचकांक 4.17 फीसदी पर था, लेकिन गुरुवार को जारी सरकारी आंकड़ों के मुताबिक मार्च में थोक महंगाई दर बढ़कर 7.39 फीसदी पर आ गई है.
इस बड़ी बढ़ोतरी के पीछे ईंधन, बिजली और मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में उछाल को जिम्मेदार माना जा रहा है. मार्च में फ्यूल एंड पावर सेक्टर का इंफ्लेशन बढ़कर 10.25 फीसदी पर जा पहुंचा, जबकि फरवरी में यह महज 0.58 फीसदी था. वहीं मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की कीमतों में फरवरी के दौरान 5.81 फीसदी की तेजी देखी गई थी, लेकिन मार्च में इन उत्पादों के दामों में 7.34 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई.