नोटबंदी के बाद (After demonetisation) अगर किसी हाउसवाइफ (housewife) ने 2.5 लाख रुपये (up to Rs 2.5 lakh) तक की राशि जमा कराई है, तो वो आयकर विभाग (Income Tax Department) के जांच के दायरे में नहीं आएगी. ITAT यानी आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण (Income Tax Appellate Tribunal) ने साफ कहा है कि इस तरह की जमाओं को आय नहीं माना जा सकता है. एक महिला की ओर से दायर की गई याचिका (petition filed ) पर फैसला देते हुए ITAT की आगरा पीठ ने कहा कि यह आदेश ऐसे सभी मामलों के लिए एक मिसाल माना जाएगा.
दरअसल इस अपील में महिला ने बेंच को बताया था कि उसने नोटबंदी के दौरान 2 लाख 11 हजार 500 रुपये अपने बैंक अकाउंट में जमा किए थे. महिला ने दलील दी कि ये उसकी पहले की सेविंग है. उसने अपने पति, बच्चों और रिश्तेदारों से मिले पैसों से ये बचत की थी. जिससे बेंच ने स्वीकार करते हुए कहा कि ट्रिब्यूनल का मानना है कि याचिकाकर्ता ने अपने द्वारा डिपॉजिट की गई रकम के सोर्स को लेकर सभी जानकारी दे दी है.