कुल 363 सांसदों और विधायकों (MP's, MLA's) पर तलवार लटक रही है. इनकी 'नेतागिरी' कभी भी खत्म हो सकती है. ये आपराधिक आरोपों (criminal cases) का सामना कर रहे हैं. दोष साबित हुआ तो इनका करियर भी खत्म हो जाएगा. जनप्रतिनिधित्व कानून के तहत उन्हें अयोग्य करार दिया जाएगा. चुनाव सुधारों के लिए काम करने वाले संगठन एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स यागी ADR ने यह बात कही है.
ADR और 'नेशनल इलेक्शन वाच' ने 2019 से 2021 तक 542 लोकसभा सदस्यों और 1,953 विधायकों के हलफनामों का विश्लेषण किया है. ADR के मुताबिक 2,495 सांसदों, विधायकों में से 363 ने घोषणा की है कि उनके खिलाफ कानून में सूचीबद्ध अपराधों के लिए अदालतों की ओर से आरोप तय किए गए हैं. इनमें 296 विधायक और 67 सांसद हैं.
ADR ने कहा कि राजनीतिक दलों में BJP में ऐसे सांसदों, विधायकों की संख्या सबसे अधिक 83 है, कांग्रेस में 47 और TMC में 25 ऐसे सांसद, विधायक हैं.
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