Johnny Depp to produce Michael Jackson musical | Editorji
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2020 में किन वेब सीरीज़ का रहा राज

Dec 21, 2020 19:57 IST

हालांकि, वेब सीरिज़ कोई नई चीज़ नहीं है. लेकिन अगर ऐसा कहें कि 2020 में कोविड और कोरोना की तरह वेब सीरीज़ भी आम बोलचाल का शब्द बन गया तो ग़लत नहीं होगा. ऐसा इस वजह से हुआ क्योंकि लॉकडाउन और वायरस के भय से घरों में कैद लोगों के पास दिल को बहलाने का ये सबसे बड़ा साधन बन गया और 'बिंज वॉच' बोले तो एक बैठक में लोग दर्जन-दर्जन भर एपिसोड देख गए. ऐसे में ये जानना ज़रूरी है कि 2020 में हिंदी की कौन सी वेब सीरीज़ का बोल बाला रहा.

 

तो आइए आपको इसके बारे में बताते हैं

 

साल के अंत में आई हंसल मेहत की 'Scam 1992' ने 'सोनी लिव' को एक प्लैटफ़ॉर्म के तौर पर स्थापित करने का काम किया. हर्षद मेहदा के स्टॉक एक्सचेंज घोटाले से जुड़ी सत्य घटनाओं पर आधारित ये सीरीज़ सबके दिलों पर छा गई. वहीं, इसका थीम सॉन्ग फ़ोन्स के रिंग टोन से इंटरनेट के मीम्ज़ तक का हिस्सा बना.

 

कई ऐसे सितारे जो ग़ायब हो गए थे, वेब सीरीज़ ने उन्हें फ़िर से ज़िंदा करने का काम किया. मेनस्ट्रीम से ग़ायब हुईं सुष्मिता सेन के लिए 'डिज़्नी+ हॉट स्टार' पर आई 'आर्या' ने कुछ ऐसा ही जादू कर दिखाया. इस सीरीज़ का हाल भी 'स्कैम 1992' जैसा ही है, आप एक एपिसोड देखने बैठेंगे तो पूरी सीरीज़ समेट कर ही उठेंगे.

 

जयदीप अहलावत वैसे तो 'गैंग्स ऑफ़ वासेपुर' में सरदार ख़ान यानी मनोज वाजपेयी के पिता का किरदार निभा चुके हैं. लेकिन 'अमेज़न प्राइम वीडियो' की 'पाताललोक' में तो मानो उन्होंने आग लगा दी. बात थोड़ी भटक जाएगी लेकिन लोगों को 2020 में जो उम्मीद 'मिर्ज़ापुर' से थी, पाताललोक ने एक सीरीज़ के तौर पर उससे ज़्यादा दे दिया.

 

अब बात 'मिर्ज़ापुर' की. गुड्डू भैया और बबलू की पहले सीज़न में जो हालत हुई थी उसका बदला कैसा होगा ये सवाल 2019 से 2020 तक 'कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा' के सवाल से कम नहीं था. हालांकि, इस सीरीज़ के मेकर्स अगर इस सीज़न को 6 एपिसोड तक सीमित रखते तो सबको भला होता. ऊपर से मुन्ना भैया का जाना सीरीज़ के एक फ़ैन बेस का दिल तोड़ने वाला साबित हुआ. बावजूद इन सबके 'मिर्ज़ापुर' ने पूरी तरह से निराश नहीं किया.

 

'अमेज़न प्राइम' पर आई 'पंचायत' की भी काफ़ी चर्चा हुई. 'TVF' की सेवा समाप्त होने के बाद ऐसा लगता है कि इसका हिस्सा रहे जीतेंद्र कुमार ही इंटरटेनमेंट जगत में टिक पाए. 'नेटफ़्लिक्स' पर आई उनकी पॉलिटिकली इंकरेक्ट फ़िल्म 'चमन बहार' भी देखने लायक है.

 

साल के अंत में आई नेटफ़्लिक्स की वेब सीरीज़ 'मिस्मैच्ड' धमाकेदार साबित हुई. इसकी स्टोरी प्रेडिक्टेबल है, इसके बावजूद फ्रेश चेहरों और दमदार एक्टिंग ने समा बांध दिया. फ़िल्म 'लूडो' में भी नज़र आए इस फ़िल्म के लीड रोहित सुरेश सराफ की फ़ैन फॉलोइंग में मानो इस सीरीज़ ने चार चांद लगा दिए.

 

इन सबके अलावा 'बंदिश बैंडिट्स', 'स्पेशल ऑप्स', 'असुर' की भी चर्चा रही जबकि करण जौहर की 'द फैबुलस लाइव्स ऑफ बॉलीवुड वाइव्स' और 'भाग बीनी भाग' जैसी कई कोशिशें मुंह के बल गिरीं.

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