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110 दिन में आए थे 1 लाख केस, 10 लाख पहुंचने में लगे महज 169 दिन!

Jul 17, 2020 17:15 IST

भारत अब 10 लाख कोरोना मरीजों वाला दुनिया का तीसरा देश बन गया है. आलम ये है कि पहले 5 लाख केस पहुंचने में भारत को 149 दिन लगे थे लेकिन अगले 5 लाख केसों का सफर देश ने सिर्फ 20 दिनों में ही पूरा कर लिया. अब दुनिया में कुल केसों के मामले में केवल अमेरिका और ब्राजील ही हमसे आगे हैं. इन खौफनाक आंकड़ों के बावजूद सरकार अपनी पीठ थपथपाने से नहीं चूक रही. सरकार इस बात से खुश है कि देश में रिकवरी रेट 63.25 फीसदी पर है और डेथ रेट भी महज 2.55 फीसदी ही हैं...आइए आंकड़ों के आईने में समझते हैं पूरे हालात को....सबसे पहले नजर 1 लाख केस से 10 लाख केस तक के सफर पर तारीख केस दिन 18 मई 1 लाख 110 2 जून 2 लाख 15 12 जून 3 लाख 10 20 जून 4 लाख 08 26 जून 5 लाख 06 01 जुलाई 6 लाख 05 06 जुलाई 7 लाख 05 10 जुलाई 8 लाख 04 13 जुलाई 9 लाख 03 16 जुलाई 10 लाख 03 (सोर्स- वर्ल्डोमीटर) इसमें कोई शक नहीं की देश में कोरोना की रफ्तार बेलगाम है...हकीकत ये है कि अमेरिका के बाद अब रोजाना सबसे ज्यादा केस भारत में ही आ रहे हैं..हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि कोरोना से होने वाली मौतों के मामले में हमारी स्थिति कुछ देशों से अ्च्छी है. हेडर- प्रति 10 लाख आबादी पर भारत में मौत देश मौत अमेरिका 415 पेरू 377 ब्राजील 355 रूस 82 पाकिस्तान 42.6 भारत 18 (सोर्स- वर्ल्डोमीटर) ऐसे में सवाल ये है कि हालात कैसे बिगड़े...इसके लिए अनलॉक और लॉकडाउन के दौरान आए आंकड़ों का फर्क देखना दिलचस्प है. लॉकडाउन के दौरान न सिर्फ मौतें कम रहीं बल्कि केस भी कम आए. हेडर- अनलॉक में हालात बिगड़े दिन केस मौतें 46 8,14, 989 20,204 लॉकडाउन के दौरान क्या थे हालात दिन केस मौतें 67 1,90, 077 5,395 दरअसल देश में केस तो बेतहाशा बढ़ रहे हैं लेकिन डेथ रेट के साथ-साथ रिकवरी रेट भी उम्मीद बंधाते हैं. नजर डालते हैं ऐसे ही कुछ आंकड़ों पर HEADER- भारत में क्या है स्थिति डबलिंग रेट- 20.6 दिन रिकवरी रेट- 63.25 % वेंटिलेटर पर मरीज- 0.32% ऑक्सीजन की जरुरत- 3% डेथ रेट- 2.55% (सोर्स- स्वास्थ्य मंत्रालय) हालांकि डेथ रेट कम होने और रिकवरी रेट ज्यादा होने से ही बात नहीं बनती...जरूरत है कोरोना की बेलगाम रफ्तार को लगाम लगाने की.