Working in night shifts may increase the risk of heart problems: study - नाईट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा ज़्यादा: स्टडी | Editorji Hindi
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नाईट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा ज़्यादा: स्टडी

Aug 30, 2021 14:00 IST | By Editorji News Desk

यूरोपियन हार्ट जर्नल में प्रकाशित एक नई रिसर्च के अनुसार, नाईट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा दूसरे लोगों की तुलना में ज़्यादा होता है. इस रिसर्च में ये भी बताया गया है कि नाईट शिफ्ट में काम करने से दिल की बीमारी का खतरा हो सकता है लेकिन स्ट्रोक या हार्ट फेलियर का नहीं. 

इस स्टडी के दौरान रिसर्चर्स ने UK बायो बैंक डाटाबेस से लगभग 286,353 सैलरीड और सेल्फ एम्प्लॉयड लोगों का डेटा एनालिसिस किया. 

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उम्र, फिजिकल एक्सरसाइज़, डाइट, बॉडी मास इंडेक्स, ब्लड प्रेशर और सोने के समय के आधार पर इस डेटा का विश्लेषण किया गया. 10 साल 4 महीने बाद फॉलो अप किया गया तो 5,777 लोगों में एट्रियल फिब्रिलेशन की शिकायत मिली. 

रिसर्च में पाया गया कि जिन लोगों ने इस दौरान कभी कभी नाईट शिफ्ट्स में काम किया उनमें दिन में काम करने वालों की तुलना में AFib  का खतरा 12% ज़्यादा देखने को मिला. वहीं जिन लोगों ने हमेशा ही नाईट शिफ्ट में काम किया उनमें ये ख़तरा 18% ज़्यादा था.

इस स्टडी से पता चला कि 10 साल से ज़्यादा नाईट शिफ्ट में काम करने वाली महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा ज़्यादा रहता है.  अगर दिन में काम करने वाले लोगों से इसकी तुलना की जाए तो महिलाओं में ये खतरा लगभग 64% तक ज़्यादा देखने को मिला. 

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नाईट शिफ्ट में काम करने वाले लोगों में एट्रियल फिब्रिलेशन का खतरा ज़्यादा: स्टडी

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