MJ Akbat vs Priya Ramani Case: Here are top 5 points of Judgement on Criminal Defamation Case - प्रिया रमानी को बरी करते हुए अदालत ने क्या कहा? जानें फैसले की 5 बड़ी बातें - प्रिया रमानी को बरी करते हुए अदालत ने क्या कहा? जानें फैसले की 5 बड़ी बातें | Editorji Hindi
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प्रिया रमानी को बरी करते हुए अदालत ने क्या कहा? जानें फैसले की 5 बड़ी बातें

Feb 18, 2021 14:33 IST

पूर्व केंद्रीय मंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वालीं पत्रकार प्रिया रमानी ( Priya Ramani) को अदालत ने आपराधिक मानहानि का दोषी नहीं माना है और सभी आरोपों से बरी कर दिया है. प्रिया रमानी ने साल 2018 में #MeToo कैंपेन के दौरान एमजे अकबर पर यौन शोषण का आरोप लगाया था, फिर अकबर ने उनके खिलाफ 15 अक्टूबर 2018 को यह शिकायत दायर की थी.

इस केस में फैसला देते हुए अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रवींद्र कुमार पांडेय ने कई अहम बातें कहीं. आइए आपको बताते हैं फैसले की 5 बड़ी बातें ... 

- समय आ गया है कि हमारा समाज यह समझे कि कभी-कभी पीड़ित व्यक्ति मानसिक आघात के कारण वर्षों तक नहीं बोल पाता है. किसी महिला को यौन शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए हम दंडित नहीं कर सकते. 

- संविधान के आर्टिकल-21 के तहत सबको समानता के अधिकार की गारंटी दी गई है. एक महिला को दशकों बाद भी अपनी शिकायत किसी भी मंच पर रखने का अधिकार है. मानहानि कहकर किसी महिला को शिकायत करने से रोका नहीं जा सकता और सजा नहीं दी जा सकती.

- बड़े सोशल स्टेट्स का व्यक्ति भी यौन उत्पीड़न कर सकता है. यौन शोषण किसी को भी गरिमा और आत्मविश्वास से दूर ले जाता है. प्रतिष्ठा के अधिकार को गरिमा के अधिकार की कीमत पर संरक्षित नहीं किया जा सकता. 

- एक महिला अक्सर सामाजिक दबाव में शिकायत नहीं कर पाती. समाज को अपने पीड़ितों पर यौन शोषण और उत्पीड़न के प्रभाव को समझना चाहिए. 

- कोर्ट ने महाभारत और रामायण का ज़िक्र करते हुए कहा कि, लक्ष्मण से जब सीता का वर्णन करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि मां सीता के पैरों के अलावा उनका ध्यान कहीं और नहीं था.  

 

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