कोरोना से देश को होने वाले जानी-माली नुकसान पर विक्रम चंद्रा की चर्चा

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कोरोना से देश को होने वाले जानी-माली नुकसान पर विक्रम चंद्रा की चर्चा

Apr 03, 2020 21:25 IST

लॉकडाउन का भारतीय इकॉनमी पर बड़ा असर हो सकता है, एक अनुमान के मुताबिक इससे भारत को 100 अरब डॉलर यानी करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है. तो मूडीज ने अंदेशा जताया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र की 20% गैर वित्तीय कंपनियां बंद हो सकती हैं. कोरोना की आर्थिक मार और उससे उबरने के उपायों पर एडिटरजी के विक्रम चंद्रा ने इंडस्ट्री, अर्थशास्त्र और पत्रकारों से इस मुद्दे पर ट्विटर पर चर्चा की. इंडस्ट्रियलिस्ट सुमंत सिन्हा ने डिमांड फिर से पैदा करने पर जोर देने की बात कही और सरकार को फिसकल डेफिसिट भूलकर अभी आर्थिक पैकेज बढ़ाने की सलाह दी. तो वेंचर कैपिटलिस्ट वाणी कोला ने कहा कि क्राइसिस के इस दौर में हमें ऑपुरचिनिटी तलाशने और बनाने पर फोकस करना होगा. तो अपूर्व पुरोहित ने कहा - इसका असर खासकर उन बिजनेसेज पर पड़ेगा जिनकी हालत पहले से खस्ता थी, वो सस्टेन नहीं कर पाएंगी. हमें नौकरियां बचाने के लिए मिलकर काम करना होगा. सीएनबीसी की शीरीन भान ने कहा कि इस मुश्किल दौर में प्राइवेट सेक्टर को सरकार और सोशल सेक्टर के साथ मिलकर लोगों तक मदद पहुंचनी चाहिए. इसपर विक्रम चंद्रा ने कहा कि, असरदार तरीके से लोगों तक मदद पहुंचे इसके लिए बजाय चेक काटने के सबको खुद आगे आकर लोगों की मदद करनी चाहिए ताकि लोगों तक असरदार तरीके से राहत पहुंचे. तो अर्थशास्त्री और समाजसेवी मोहनदास पाई ने कहा कि ... कोरोना के खिलाफ जंग में भारत को और बड़े आर्थिक स्टिमुलस पैकेज की जरूरत है. यही नहीं उन्होंने कहा कि सरकार को गरीबों किसानों को 5000 रुपए महीने की आर्थिक मदद इस दौर में करनी चाहिए. और सबको ये देखना चाहिए कि नौकरियां ना जाएं खासकर अनऑर्गनाइज्ड सेक्टर में.

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