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बॉलीवुड के 'चिंटू जी' नहीं रहे..खत्म हुआ हिंदी सिनेमा का 'प्रेम ग्रंथ'

Apr 30, 2020 15:07 IST

हिंदी सिनेमा के पहले शोमैन राजकपूर के बेटे ऋषि कपूर अब इस दुनिया में नहीं रहे...इस सदाबहार अभिनेता ने बॉलीवुड में महज 3 साल की उम्र में डेब्यू किया था... याद कीजिए राज कपूर की फिल्म श्री420 का मशहूर गाना...प्यार हुआ इकरार हुआ...उसमें एक तीन साल का बच्चा राज और नरगिस के बगल से गुजरता है...वो और कोई नहीं...ऋषि ही थे...कहते हैं कि इस सीन से खुश होकर नरगिस ने उन्हें चॉकलेट दिया ...इसके बाद वे मेरा नाम जोकर में भी नजर आए थे... हालांकि उन्होंने बतौर लीड एक्टर अपनी पहली फिल्म बॉबी की....ये फिल्म सुपर-डुपर हिट रही...ऋषि को तब फिल्म फेयर का बेस्ट एक्टर अवॉर्ड भी मिला था...उनका बचपन का नाम चिंटू था...वे इसी नाम से बॉलीवुड में पुकारे भी गए...उन्हें सिनेमा जगत का भरपूर प्यार मिला...क्योंकि वे भारतीय सिनेमा की फर्स्ट फैमली कही जाने वाले कपूर खानदान के चश्मे चिराग थे जिनके पास फिल्मों की कोई कमी नहीं थे....रोमांटिक फिल्मों के लिए वे निर्माता-निर्देशकों की पहली पसंद थे...ये भी दिलचस्प है कि फिल्म बॉबी जिसने उनकी ये इमेज बनाई उसमें राजकपूर राजेश खन्ना को लेना चाहते थे लेकिन पैसे की कमी की वजह से ये न हो सका...बहरहाल चिंटू का सफर बढ़ता रहा....नई सदी में तो जैसे ऋषि का जैसा नया जन्म ही हुआ...सिनेमा जगत ने मुल्क, राजमा-चावल, औरंगजेब, डी-डे और द बॉडी के जरिए उनका नया रूप देखा...तकरीबन हर भूमिका नई थी और पूरी शिद्दत से निभाई गई थी... अफसोस तो ये है कि बॉबी के बाद उन्हें कोई अवार्ड नहीं मिला...जबकि 1973 से 2000 के बीच उन्होंने 92 फिल्में की जिसमें से 36 तो बॉक्स ऑफिस पर सुपर हिट रहीं......आखिरकार सिनेमा जगत को अपनी इस गलती का एहसास 2008 में हुआ...क्योंकि उसके बाद हर साल कोई न कोई अवॉर्ड उनके पास जाकर खुद को सम्मानित महसूस करता रहा...अलविदा ऋषि कपूर

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