New mathematical model can predict the exercise regime for building muscles: study - अब पर्सनल ट्रेनर नहीं ये मॉडल तैयार करेगा आपके लिए पर्सनलाइज्ड एक्सरसाइज़ रूटीन | Editorji Hindi
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अब पर्सनल ट्रेनर नहीं ये मॉडल तैयार करेगा आपके लिए पर्सनलाइज़्ड एक्सरसाइज़ रूटीन

Sep 14, 2021 10:15 IST | By Editorji News Desk

हम सबको लगता है कि हमें पता है एक्सरसाइज़ करने से मसल्स बनने में मदद मिलती है...पर क्या हमें सच में सब कुछ पता है? क्या हमें पता है कि एक्सरसाइज़ कैसे और क्यों मसल बिल्डिंग में मदद कर सकती है? जो थोड़ा बहुत भी हम जानते हैं वो भी कहीं से या किसी से सुनकर. एक नई फिटनेस स्टडी के दौरान रिसर्चर्स ने पाया कि इन सब बातों से जुड़ा कोई पर्याप्त डेटा उपलब्ध नहीं है. 

अगर आप वर्कआउट करना चाहते हैं तो आपको पर्सनल ट्रेनर पर निर्भर होना पड़ता है. जो डाइट और एक्सरसाइज़ आपके लिए बताते हैं, आप उसी को फॉलो करते हैं. लेकिन कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने दावा किया है कि उन्होंने एक ऐसा मैथमेटिकल मॉडल तैयार किया है जो आपके शरीर के हिसाब से एक्सरसाइज़ रिजीम तैयार कर सकता है और वो मसल बिल्डिंग में आपके लिए मददगार होगा.

ये भी देखें: Cardiovascular Exercise: क्यों है कार्डियोवेस्कुलर एक्सरसाइज़ दिल के लिए ज़रूरी? जानिये इसके फायदे  

ये एक सॉफ्टवेयर की मदद से काम करेगा. जिसमें आपको अपनी कुछ डिटेल्स डालनी होंगी और टेक्नोलॉजी की मदद से आपका वर्कआउट रिजीम हो जाएगा तैयार. 

बायोफिज़िकल जर्नल में प्रकाशित इस रिसर्च में टीम ने बताया कि हर व्यक्ति और हर मसल के लिए एक ख़ास तरह की वेट ट्रेनिंग या एक्सरसाइज़ की जाती है. एक्सरसाइज़ करने के दौरान जितना वेट आप उठाएंगे और जितना रिपीटेशन्स करेंगे उतना मसल साइज़ बढ़ेगा.आप कम वेट उठा रहे हैं तो सेल सिग्नलिंग कम होगी जिससे नए मसल प्रोटीन बनने में वक़्त लगेगा. ऐसे में आपको एक्सरसाइज़ का समय बढ़ाना चाहिए. लेकिन ये सब हर किसी की फिज़ियोलॉजी यानी शरीर के काम करने के तरीके पर निर्भर करता है. 

कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स कई सालों से इंग्लिश स्कूल ऑफ़ स्पोर्ट्स के साथ मिल कर ये रिसर्च कर रहे हैं और इस मॉडल को तैयार करने के लिए उन्होंने सैद्धांतिक बायोफिज़िक्स का इस्तेमाल किया है. ये मॉडल आपको बताएगा कि आपको मसल ग्रोथ के लिए कितनी एक्सरसाइज़ करने की ज़रूरत है और इसमें कितना वक़्त लगेगा. टीम को उम्मीद है कि इस सॉफ्टवेयर बेस्ड ऍप्लिकेशन से हर किसी को उनकी ज़रूरत के हिसाब से पर्सनलाइज्ड वर्कआउट प्लान तैयार करने में मदद मिलेगी. 

ये भी देखें: जिम में फेस मास्क के साथ वर्कआउट और एक्सरसाइज करना है सेफ: स्टडी

 

अब पर्सनल ट्रेनर नहीं ये मॉडल तैयार करेगा आपके लिए पर्सनलाइज़्ड एक्सरसाइज़ रूटीन

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