IRFAN KHAN OBIT | Editorji Hindi
  1. home
  2. > एडिटरजी स्पेशल
  3. > अलविदा इरफ़ान
prev icon/Assets/images/svg/play_white.svgnext button of playermute button of playermaximize icon
mute icontap to unmute
video play icon
00:00/00:00
prev iconplay paus iconnext iconmute iconmaximize icon
close_white icon

अलविदा इरफ़ान

Apr 29, 2020 20:03 IST

नैट -- मैं हूं भी और नहीं भी ... वेट फॉर मी

 

इरफान के फैंस, उनके चाहने वाले उनका वेट ही करते रह गए ... और हमेशा के लिए चला गया ये दिग्गज अभिनेता ... उनका इंतजार इंतजार ही रह गया ...

अपनी बोलती आंखों के लिए जाने जाते थे इरफान ... उन आँखों  ने हमें  न जाने कितनी जिंदगियों, कितने किरदारों से ऐसा रूबरू कराया मानो हम ही उन्हें जी रहे हों ... ऐसा था इरफान की अदाकारी का जादू ... पर शिद्दत से भरी वो आंखें अब हमेशा के लिए बंद हो गई हैं. कैंसर से उन्होंने लंबी लड़ाई लड़ी, एक फाइटर की तरह, ऐसा लगा कि वो वापस लौट आएंगे लेकिन फिर अचानक सबकुछ खत्म हो गया, हमेशा के लिए थम गया.

 

इरफान खान ने हमें अलविदा कह दिया, महज 53 साल की उम्र में. 7 जनवरी 1967 को जयपुर में जन्में इरफ़ान ने अपने 30 साल के फ़िल्मी करियर  में लगभग 50 फिल्मों में काम किया. वो  जब भी पर्दे पर दिखते  तो सबकी निगाहें उन्हीं पर टिक जातीं, ऐसी कशिश थी उनके चेहरे में, उनकी आंखों में. ऐसा लगता मानो वो हमारे मन की डोर पकड़ कर हमें कह रहे हैं - 'आओ, तुम्हें एक कहानी सुनाता हूं' 

 

इरफ़ान ने हिंदी और वर्ल्ड सिनेमा के ज़रिये सिनेप्रेमियों को  जो भी कहानी बताई, वो आज भी हर मन के किसी कोने में  ज़िंदा है, क्योंकि वो अमिट जो हो चुकी है.

 

इरफान ने अपना करियर थिएटर से शुरू किया, फिर वो टीवी में आए, टीवी के जरिए उन्होंने अपनी पहचान बनाई, और फिर सिनेमा के पर्दे पर आकर अपनी अदाकारी का लोहा मनवाया ... चाहे टीवी सीरियल चंद्रकांता हो या फिर मक़बूल,  लाइफ ऑफ़ पाई हो या पान सिंह तोमर, लंच बॉक्स हो  या 'द  नेमसेक'. उन्होंने हर किरदार को ऐसा जिया कि वो जीवंत हो गए. ये इरफ़ान के अभिनय का  हुनर ही था, जिसकी बदौलत हर कहानी पन्नों और पर्दे से होते हुए हमारे दिलों में उतर गईं.

 

1988 में मीरा नायर की फिल्म सलाम बॉम्बे से अपना फ़िल्मी करियर शुरू करने  वाले इरफ़ान ने जितनी बारीकी से संजीदा किरदार किए, उतनी ही खूबसूरती से लोगों को हंसाया भी. 'पीकू', 'करीब करीब सिंगल', 'कारवां' और  हिंदी मीडियम  इसकी मिसाल हैं. बॉलीवुड ही नहीं उन्होंने हॉलीवुड में भी शानदार किरदारों को निभाया और हिंदी सिनेमा के बेहतरीन ग्लोबल एंबैसडर बने.

 

इरफ़ान के हुनर को पद्म श्री,  नेशनल अवॉर्ड, और  फिल्म फेयर अवॉर्ड्स से नवाज़ा जा चुका  है. पर हम सब जानते हैं कि उनका हुनर इन सबसे बड़ा है. आप बहुत याद आओगे इरफान ...

 

अलविदा इरफ़ान

1/3

अलविदा इरफ़ान

 जब फिल्मी पर्दे पर नजर आई Kargil की लड़ाई: जानिए उन फिल्मों के बारे में जो सुनाती हैं उस दौर के किस्से

2/3

जब फिल्मी पर्दे पर नजर आई Kargil की लड़ाई: जानिए उन फिल्मों के बारे में जो सुनाती हैं उस दौर के किस्से

Origin of Biryani: जानिये लज़ीज़ बिरयानी की कहानी, कैसे बनी ये हम सभी की फेवरेट?

3/3

Origin of Biryani: जानिये लज़ीज़ बिरयानी की कहानी, कैसे बनी ये हम सभी की फेवरेट?

एडिटरजी स्पेशल