International Tiger Day: Rarest tigers of the World | Editorji Hindi
  1. home
  2. > लाइफ़स्टाइल
  3. > International Tiger Day: जानिये कौन से बाघ हैं दुनिया में सबसे दुर्लभ
replay trump newslist
up NEXT IN 5 SECONDS sports newslist
tap to unmute
00:00/00:00
NaN/0

International Tiger Day: जानिये कौन से बाघ हैं दुनिया में सबसे दुर्लभ

Jul 29, 2020 09:57 IST

बिल्लियों की सबसे बड़ी प्रजाति में एक है बाघ. इनकी घटती आबादी के बारे में बहुत कुछ लिखा और बोला गया है. जंगलों की कटाई और अवैध शिकार के कारण बाघों की संख्या तेज़ी से कम हो रही है. वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फंड के आंकड़ों के मुताबिक, आज दुनियाभर में लगभग 3,900 बाघ ही बचे हैं. 29 जुलाई को हर साल इंटरनेशनल टाइगर डे मनाया जाता है, आइए इल मौके पर आपको कराते हैं दुनिया के 5 सबसे दुर्लभ बाघों की प्रजाति से रूबरू

साइबेरियन टाइगर

साइबेरियन बाघ दुनिया के सबसे बड़े और भारी होते हैं. साइबेरियन टाइगर्स मूल रूप से रूस के होते हैं, हालांकि कुछ एक उत्तर कोरिया और चीन में भी पाए जाते हैं. अधिक शिकार के कारण आज दुनिया में 600 से भी कम साइबेरियन टाइगर्स बचे हैं. 


सुमात्रन टाइगर
सुमात्रन टाइगर बाघों की एक उप-प्रजाति है जो इंडोनेशिया के सुमात्रा द्वीप पर पाई जाती है. ये बाघों में सबसे छोटी प्रजाति है. अवैध शिकार और लगातार बढ़ते बाजार से अब ये लुप्त होने की कगार पर आ चुके हैं, दुनियाभर ऐसे 400 से भी कम टाइगर्स बचे रह गए हैं।

मलयन टाइगर
मलयन टाइगर, मूल रूप से मलेशिया के मलय द्वीप पर पाए जाते हैं. हालांकि ये थाईलैंड के दक्षिणी सिरे में भी मिलते हैं. इस प्रजाति पर लुप्त होने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है. इनकी संख्या अब बस 250 के करीब रह गई है. इन्हें पहले इंडो-चाइनीज टाइगर के तौर पर क्लासीफाई किया गया था।

बंगाल टाइगर
बंगाल टाइगर भारत का राष्ट्रीय पशु है. इसे देश की शक्ति और शान का प्रतीक माना जाता है. पश्चिम बंगाल का सुंदरबन जंगल इसका प्राकृतिक आवास है लेकिन कटते जंगल और बढ़ते शिकार की वजह से ये संकट में हैं. भारत के अलावा ये बांग्लादेश, भूटान और नेपाल में भी पाये जाते हैं. अब दुनिया में 3300 से भी कम बंगाल टाइगर बचे हैं. दिलचस्प ये है कि हर बंगाल टाइगर के शरीर पर अलग और अनोखी धारियां होती हैं. अपनी प्रजातियों में इनके केनाइन दांत सबसे अधिक लंबे होते हैं।

टैबी टाइगर
भारत में हाल ही में एक गोल्डन टाइगर की फोटो खींची गई थी, इसे टैबी टाइगर भी कहा जाता है. इसके शरीर पर पाया जाने वाले पीला- सुनहरा रंग और लाल-भूरे रंग की धारियां एक दुर्लभ जीन की वजह से होती हैं. माना जाता है कि प्राकृतिक रंग इनके रहने की जगहों में कमी के चलते इनब्रीडिंग के कारण होता है।

भारत का नाम बाघों की संख्या के मामले में दुनिया के सबसे बड़े वन्यजीव सर्वेक्षण के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है. लेकिन प्राकृतिक आपदाओं और आवास के खतरों के चलते इनको लेकर चिंता भी बढ़ रही है।

लाइफ़स्टाइल