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'इंटरनेशनल टाइगर डे'

Jul 29, 2019 10:04 IST

भारत की सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत का रीगल आइकन टाइगर, 36 जंगली बिल्ली की प्रजातियों में सबसे बड़ा है। लेकिन दुख की बात ये है कि शाही पहचान वाले टाइगर की आबादी 2006 में घटकर 1,411 रह गई जबकि 2014 में आंकड़ा और घटकर 1400 से भी कम रह गया है। दुनियाभर की करीब 70 फीसदी बाघों की आबादी अकेले भारत में है। वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड और ग्लोबल टाइगर फोरम के 2016 के आंकड़ों के मुताबिक, पूरी दुनिया में लगभग 6000 बाघ ही बचे हैं जिनमें से 3,891 बाघ भारत में हैं। इन बाघों के संरक्षण के लिए भारत में 38,000 वर्ग किलोमीटर संरक्षित जंगल को रखा गया है. पूरी दुनिया में बाघों की तेजी से घटती आबादी के प्रति संरक्षण के लिए जागरूकता बढ़ाने को लेकर हर साल 29 जुलाई को ‘वर्ल्ड टाइगर डे’ मनाया जाता है। अगर आप भी इस शाही शान की झलकियां लेना चाहते हैं तो हम बता रहे हैं कुछ ऐसे पार्क और अभयारण्य के बारे में जहां आप इन्हें स्पॉट कर सकते हैं। 

जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, उत्तराखंड

1936 में बनाए गए उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व को भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान माना जाता है। हाल ही में आई  Wildlife Institute of India की रिपोर्ट के अनुसार जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क, देश के सबसे ज्यादा रॉयल बंगाल टाइगर्स का घर है

बांदीपुर टाइगर रिज़र्व, कर्नाटक

कर्नाटक का बांदीपुर टाइगर रिज़र्व बड़े-बड़े विशाल बाघों की आबादी वाला पार्क है। इन विशाल बाघों के अलावा ये टाइगर रिज़र्व अजगर और हाथियों जैसे अलग अलग तरह के लुप्त हो रहे वन्यजीवों का भी ठिकाना है।

काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान, असम 

नॉर्थ ईस्ट में, असम के काज़ीरंगा नेशनल पार्क में ना केवल आपको बाघ देखने को मिलेंगे बल्कि यहां आपको लुप्त हो चुके वन्यजीव जैसे इर्रावैडी डॉल्फ़िन और शार्क की भी झलकियां देखने को मिल जाएंगी। नेचर लवर्स के लिए ये पार्क वनस्पतियों और जीवों की आश्चर्यजनक  विविधता का उदाहरण है। 

इन जैसे अभयारण्यों और पार्कों ने भारत में बाघों की आबादी में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी में मदद की है और अभी जरूरत है कि इन प्रजातियों को बचाने के लिए कोशिश जारी रखी जाए

 
 

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