साउथ अफ्रीका में 'मोहनलाल' बने 'महात्मा'

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साउथ अफ्रीका में 'मोहनलाल' बने 'महात्मा'

Oct 02, 2019 16:18 IST

गांधीजी अप्रैल 1893 में वकालत करने साउथ अफ़्रीका के डरबन गए साउथ अफ्रीका में गांधी जी को रंगभेद का सामना करना पड़ा डरबन के कोर्ट रूम में लिखा गया 'ऐन अनवेलकम विजिटर', पगड़ी हटाने को कहा 7 जून 1893 को डरबन से प्रेटोरिया तक की सफर ने बदली महात्मा गांधी की जिंदगी एक अंग्रेज ने उनके फर्स्ट क्लास रेलवे कम्पार्टमेंट में बैठने पर जताया एतराज गांधीजी को पीटरमारिट्ज़बर्ग स्टेशन पर ट्रेन से नीचे फेंक दिया गया था अपमान के बाद गांधीजी ने आंदोलन करने का किया फैसला पहली बार गांधीजी ने साउथ अफ्रिका में ही नागरिक समानता के लिए रैली निकाली ट्रांसवाल गवर्नमेंट के खिलाफ अपने अहिंसक विरोध को सत्याग्रह का नाम दिया आखिरकार दबाव रंग लाया, साउथ अफ्रीका की सरकार ने भारतीयों की कई मांगें मानीं 'सविनय अवज्ञा' आंदोलन के लिए गांधीजी को जेल भी हुई थी, 21 साल रहे साउथ अफ्रीका में