इमरजेंसी: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय | Editorji Hindi
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इमरजेंसी: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय

Jun 25, 2019 17:00 IST

इमरजेंसी: भारतीय लोकतंत्र का काला अध्याय कब: 25 जून 1975 क्या हुआ: देश में पहली बार लगा आपातकाल किसने लगाई: तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कब तक रही लागू: 21 महीने तक इमरजेंसी मतलब: अधिकारों का निलंबन, नेताओं की गिरफ्तारी, प्रेस पर पाबंदी, पूरी सत्ता इंदिरा गांधी के हाथ में उठा विरोध का स्वर: जनता पार्टी और जय प्रकाश नारायण की अगुवाई में एकजुट हुए नेता, कलाकार, पत्रकार और आम जनता आपातकाल के प्रमुख चेहरे \\\ इंदिरा गांधी - तत्कालीन प्रधानमंत्री \\\ संजय गांधी - तत्कालीन शक्ति केंद्र \\\ जेपी नारायण - विरोध का सुर उस दौर के नारे: इंदिरा हटाओ, देश बचाओ जेपी ने कवि रामधारी सिंह दिनकर की पंक्तियों को दोहराते हुए आह्वान किया - 'सिंहासन छोड़ो कि जनता आती है' मार्च 1977 : इमरजेंसी हटी, इंदिरा गांधी ने चुनाव करवाए और चुनाव में उन्हें करारी हार मिली

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