BJP's manifesto: Jaisa desh vaisa vesh - BJP का घोषणापत्र: जैसा देश वैसा वेश | Editorji Hindi
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BJP का घोषणापत्र: जैसा देश वैसा वेश

Mar 26, 2021 15:38 IST | By Editorji News Desk

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव (Assembly elections) के लिए सभी राजनीतिक दलों (Political parties) ने अपने पत्ते खोल दिए हैं. हालांकि दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी होने का दावा करने वाली बीजेपी ने इनमें से तीन अहम राज्यों के लिए एक जैसे मुद्दों पर अलग-अलग नीतियों का ऐलान किया है. मसलन- CAA और NRC पर पार्टी ने तीनों ही राज्यों में अलग-अलग रुख अपनाया है. इसके अलावा भी कई ऐसे मुद्दे हैं जिस पर पार्टी की राज्यवार राय अलग दिखती है. दरअसल बीजेपी को असम (Assam) में सत्ता बचानी है तो तमिलनाडु (Tamil Nadu) और पश्चिम बंगाल (West Bengal) में वो सत्ता पाने की लड़ाई लड़ रही है. इसी वजह से बंगाल में अमित शाह, असम में जेपी नड्डा और तमिलनाडु में नितिन गडकरी द्वारा पार्टी का घोषणापत्र (Manifesto) जारी करवा कर अलग-अलग संदेश देने की कोशिश की....बहरहाल देश की सत्ता पर काबिज BJP का इन तीन अहम राज्यों में क्या है घोषणापत्र इसे जानते हैं
HEADER- 'नागरिकता' पर क्या है घोषणाएं?
बंगाल में CAA को लागू करने के मुद्दे पर आक्रमक रूख
अमित शाह ने कहा- पहली कैबिनेट बैठक में CAA पास करेंगे
असम में CAA पर गोलमोल, NRC पर संशोधन करने की बात
वास्तविक नागरिकों की रक्षा करेंगे, घुसपैठियों को निकालेंगे: नड्डा
तमिलनाडु में तमिल शरणार्थियों को नागरिकता देने का ऐलान
गडकरी ने कहा- तमिल शरणार्थियों को रिफ्यूजी कैंप से निकालेंगे GFX OUT

यहां गौर करने वाली बात ये भी CAA का इस्तेमाल बीजेपी ने राज्यों के सियासी समीकरण के हिसाब से किया है. यहां तक की जिन श्रीलंकाई तमिलों का CAA में जिक्र नहीं है उन्हें भी अब नागरिकता देने की बात की जा रही है. अब नजर डालते हैं उन घोषणाणों पर जो BJP ने सिर्फ बंगाल के लिए की हैं...
HEADER- खालिस बंगाल के लिए घोषणाएं
राज्य सरकार की सभी नौकरियों में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण
सरकारी ट्रांसपोर्ट में महिलाओं का किराया नहीं लगेगा
5 रुपये में खाने की थाली की शुरुआत होगी
नोबल-ऑस्कर की तर्ज पर लाएंगे टैगोर-सत्यजीत रे प्राइज
बांग्ला भाषा में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई GFX OUT


असम के लिए BJP की झोली में 'मिशन ब्रह्मपुत्र' और 'अरुणोदय योजना' के अलावा ज्यादा कुछ अलग नहीं है हालांकि तमिलनाडु में पार्टी ने स्थानीय भावनाओं को भुनाने की पूरी कोशिश की है. मसलन
HEADER- तमिलनाडु में खेला धार्मिक कार्ड
प्राचीन मंदिरों को संत-महात्माओं को सौंपने का वादा
मंदिरों का प्रबंधन अलग बोर्ड करेगा, जिसमें संत होंगे
जबरन धर्म परिवर्तन के खिलाफ कानून बनेगा
राज्य में 50 लाख नई नौकरियां पैदा करेंगे
कृषि के लिए अलग बजट की व्यवस्था की जाएगी
सभी घरेलू सामानों की होम डिलीवरी की जाएगी
गौर करने वाली बात ये है कि दिल्ली में राशन की होम डिलीवरी GFX OUT

 BJP को नहीं सुहा रही है लेकिन तमिलनाडु में उसने इसी पर दांव खेला है. तमिलनाडु में किसान आंदोलन के इतिहास को देखते हुए अलग किसान बजट का ऐलान भी राजस्थान सरकार की नकल दिखती है...बहरहाल ये तो दो मई को ही पता चलेगा कि पार्टी की इतनी कवायद का कितना असर हुआ.

एडिटरजी स्पेशल