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बाबरी केस- 1528 से 2020 तक कब क्या हुआ ?

Nov 03, 2020 04:01 IST

बाबरी केस - 1528 से 2020 तक   

1528- बाबर के सेनापति मीर बाक़ी ने बनवाई थी बाबरी मस्जिद  

1949- मस्जिद के अंदर भगवान राम की मूर्ति ‘प्रकट’ हई 

1984- विश्व हिंदू परिषद के उदय के साथ ही मंदिर निर्माण अभियान हुआ तेज  

1986- हिंदुओं को अंदर जाकर मूर्ति के सामने पूजा करने की इजाजत  

1989- राजीव गांधी ने VHP को शिलान्यास की अनुमति दी 

6 दिसंबर 1992- बाबरी मस्जिद को कारसेवकों ने गिराया 

 

बाबरी मस्जिद ध्वंस केस  

 

दिसंबर 1992 - ढांचा तोड़ने के मामले में 2 FIR दर्ज  

FIR 197 मस्जिद गिराने के लिए कारसेवकों के खिलाफ 

FIR 198 भीड़ को उकसाने के लिए आडवाणी, जोशी, उमा वगैरह के खिलाफ 

लिब्राहन आयोग को दी गई विध्वंस के जांच की जिम्मेदारी  

 

1993 में कारसेवकों के खिलाफ FIR 197 को लखनऊ ट्रांसफर किया गया  

BJP, RSS, VHP के नेताओं के खिलाफ FIR 198 को रायबरेली ट्रांसफर किया गया  

1996 - लखनऊ कोर्ट ने सभी मामलों में आपराधिक साजिश का आरोप जोड़ा  

2001 - सरकारी चूक का हवाला देकर आडवाणी समेत दूसरे आरोपियों ने कोर्ट के आदेश को चुनौती दी 

यूपी सरकार ने चूक ठीक करने की CBI की याचिका रद्द कर दी  

आडवाणी समेत सभी आरोपी केस जीत गए और आपराधिक षड़यंत्र के आरोप हटाए गए  

2004 - CBI ने BJP नेताओं के खिलाफ चल रहे केस की सुनवाई बंद करने के खिलाफ हाई कोर्ट में दी चुनौती  

 

जून 2009, लिब्राहन आयोग रिपोर्ट 

 

लिब्राहन आयोग ने 17 साल की जांच के बाद रिपोर्ट सौंपी  

68 लोगों को बाबरी मस्जिद विध्वंस के लिए जिम्मेदार ठहराया गया, अधिकतर BJP के नेता  

रिपोर्ट के मुताबिक बाबरी मस्जिद गिराना अवैध था और योजना बनाकर इसे अंजाम दिया गया था  

 

बाबरी मस्जिद ध्वंस केस  


2010: इलाहाबाद हाइकोर्ट ने 2001 के आदेश को बरकरार रखा 

आपराधिक साजिश के आरोप हटाए गए 

रायबरेली में मामले की अलग से सुनवाई 

2017: सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के खिलाफ दिया आदेश  

आपराधिक साजिश की धारा फिर जोड़ी गई   

सभी मामलों की एक साथ लखनऊ कोर्ट में सुनवाई  

 

30 सितंबर 2020: लखनऊ की स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने सभी 32 आरोपियों को बरी किया   

जज एसके यादव ने कहा- पूर्व नियोजित नहीं थी साजिश, नेताओं ने तो भीड़ को रोकने की कोशिश करी

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