16 December: A day defining the valor of the Indian Army | Editorji Hindi
  1. home
  2. > ख़बर को समझें
  3. > 1971 की जंग- पाकिस्तान पर 'विजय' के 50 साल
replay trump newslist
up NEXT IN 5 SECONDS sports newslist
tap to unmute
00:00/00:00
NaN/0

1971 की जंग- पाकिस्तान पर 'विजय' के 50 साल

Dec 16, 2020 18:43 IST

16 दिसम्बर 1971
इतिहास की ये वो तारीख है जिसने भारतीय उपमहाद्वीप का नक्शा हमेशा के लिए बदल दिया. यही वो दिन था जब पाकिस्तान के दो टुकड़े हुए और पूर्वी पाकिस्तान बांग्लादेश नाम के नए देश के तौर पर पहचाना जाने लगा. यूं तो इस पूरे घटनाक्रम की जड़ में पाकिस्तान की तत्कालीन सत्ता और शेख मुजीबुर्रहमान के बीच का संघर्ष था लेकिन भारत सरकार और भारतीय सेना को भी बीच में आना पड़ा और नतीजा ये हुआ कि मौजूदा पाकिस्तान की उपेक्षा से खफा पूर्वी पाकिस्तान एक नया देश बन गया. क्या था ये संघर्ष और कैसे इसकी बांग्लादेश बनने पर इतिश्री हुई आइए जानते हैं.


पूर्वी पाकिस्तान पर हुआ जुल्म

\\\ पूर्वी पाकिस्तान और इसके नेता मजीबुर्रहमान की लगातार उपेक्षा
\\\ तत्कालीन राष्ट्रपति याह्या ख़ान ने सैन्य बल से विद्रोह को दबाया
\\\ मार्च 1971 से शुरू हुआ ये संघर्ष , 30 लाख से ज्यादा लोग मारे गए
\\\ बड़ी संख्या में बांग्लादेशी नागरिक शरण के लिए भारत में घुस आए

हालात जब बिगड़ने लगे तो फिर भारत की तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को दखल देना ही पड़ा. तमाम अड़चनों के बावजूद अंतिम विजय भारतीय सेना के शौर्य की हुई जानिए कैसे?

इंदिरा-मानेकशॉ की जोड़ी ने दिलाई जीत

\\\ इंदिरा गांधी ने पूर्वी पाकिस्तान की आजादी को समर्थन दिया
\\\ पाकिस्तान ने 3 दिसंबर 1971 को 11 भारतीय ठिकानों पर किया हमला
\\\ मजबूरन भारत को युद्ध में उतरना पड़ा, मानेकशॉ ने बनाई रणनीति
\\\ एयरफोर्स के विमानों ने पाकिस्तान पर 4 हजार से ज्यादा उड़ानें भरीं
\\\ भारतीय नौसेना ने 'ऑपरेशन ट्राइडेंट' और 'ऑपरेशन पाइथन' चलाया
\\\ थल सेना ने 13 दिन तक चले युद्ध को पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया

युद्ध में जब पाकिस्तान को चौतरफा नुकसान होने लगा तो उसके पांव उखड़ने लगे. इसके बाद हुआ इतिहास का सबसे बड़ा आत्मसमर्पण..

पाकिस्तान का शर्मनाक समर्पण

\\\ चारों तरफ से घिरने के बाद पाकिस्तानी सेना ने ढाका में किया आत्मसमर्पण
\\\ रेसकोर्स मैदान में जनरल नियाजी ने 93 हजार सैनिकों के साथ किया सरेंडर
\\\ इसके बाद बांग्लादेश के नाम से एक नए देश का गठन हुआ
\\\ तभी से 16 दिसंबर के दिन को भारत 'विजय दिवस' के रूप में मनाता है
\\\ साल 1972 के शिमला समझौते के बाद भारत ने पाक युद्धबंदियों को छोड़ दिया

 

ख़बर को समझें