Tamil Nadu: couple ties the knot 60 feet underwater - সমুদ্রের ৬০ ফুট তলায় বিয়ে করলেন তামিলনাড়ুর দম্পতি | Editorji Bengali
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कलम के जादूगर, जावेद अख़्तर

Jan 17, 2020 10:59 IST

जितने बेहतरीन शायर उतने ही बेहतरीन स्क्रीनप्ले राइटर और उतने ही उम्दा गीतकार। जावेद अख्तर हिंदी सिनेमा के वो नायब शख्सियत हैं जिन्होंने अपनी कलम से न जाने कितने फिल्मों और गानों को बुना है.
आइये जानते हैं 17 जनवरी, 1945 को जन्मे जावेद अख्तर कि कुछ ऐसी बातें जो शायद आपको ना पता हो

 
1- जावेद का असली नाम जादू है जो उनको उनके पिता और मशहूर शायर जां निसार अख्तर ने अपनी लिखी एक कविता 'लम्हा लम्हा किसी जादू का फंसाना होगा' से दिया था. जावेद की मां सफिया अखतर मशहूर उर्दू लेखिका थीं. मतलब जावेद को कलम की ये जादूगरी विरासत में मिली है.

2 -जावेद अख्तर अपना जन्मदिन अपनी पत्नी हनी ईरानी के साथ शेयर करते हैं. जावेद और हनी फिल्म 'सीता और गीता' के सेट पर मिले थे, जहां एक नज़र में ही दोनों एक-दूसरे को दिल दे बैठे थे।  

3 -जावेद नास्तिक हैं, जावेद ने अपने दोनों बच्चों फरहान अख्तर और जोया अख्तर की परवरिश भी कुछ इस तरह से की है कि वो भी अपने पिता की तरह ही नास्तिक हैं।

4 -1964 में मुंबई आए जावेद का इस शहर में कोई नहीं था, नतीजन उन्हें काफी समय तक  फुटपाथ पर सोना पड़ता था.

5 बाद में जावेद ने फिल्मों में क्लैपर ब्वाॅय का काम शुरू किया, 'सरहदी लुटेरा' फिल्म में क्लैपर ब्वाॅय जावेद की मुलाकत सलीम खान से हुई, जिन्होंने जावेद को डायलाॅग लिखने का काम दिलवाया था 

6 - शुरुआती दौर में जावेद ने शबाना आजमी के पिता और दिग्गज शायर कैफी आजमी को असिस्ट भी किया था. जहां वो अपनी दूसरी पत्नी शबाना से मिले. इसके बाद ही अपनी पहली बीवी हनी ईरानी से रिश्ता खत्म कर शबाना से निकाह कर लिया.

7 - सलीम-जावेद की जोड़ी के बारे में तो सब जानते ही हैं। 70 के दशक में कहा जाता था किसी फिल्म में सलीम का स्टोरी आईडिया और जावेद की स्क्रिप्ट राइटिंग हो तो मतलब फिल्म सुपरहिट है. इस जोड़ी ने हिंदी सिनेमा को जंजीर, दीवार, शोले जैसी बेहतरीन फ़िल्में दी.

8 - भाई जब मेहनत करी है तो क्रेडिट मिलना तो बनता है. पर इंडस्ट्री में 70 के दशक में स्क्रिप्ट राइटर्स को पोस्टर्स में क्रेडिट दिया ही नहीं जाता था, जो सलीम-जावेद को मंजूर नहीं था. कहा जाता है उस वक्त सलीम और जावेद ने शहर में घूम-घूम कर पेंट से अपनी फिल्मों के पोस्टर्स पर अपना नाम लिखा। 

9- सलीम जावेद की इस सुपरहिट जोड़ी को 1982 में नज़र लग गई. जिसके पीछे की वजह इगो इश्यू बताई जाती है. लेकिन ये जोड़ी टूटने से पहले ही दोनों ने 24 फिल्मों की कहानी लिख डाली थी। 

 

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