साल 2021: 5 राज्यों के चुनाव पर नज़र

Updated : Dec 29, 2020 19:55
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Editorji News Desk

वीओ 1: साल 2020ये साल इतना उथल पुथल से भरा हुआ था कि कई मायनों में ये बेहद बुरा साबित हुआ और इसने पूरी मानव जाति को झकझोर कर रख दिया. हर मोर्चे पर नई चुनौतियां थीं भले ही वो स्वास्थ्य हो, सामाजिक, आर्थिक या राजनीतिक. अब साल 2020 भले ही बीत गया हो लेकिन भारतीय राजनीति के परिदृश्य में साल 2021 भी कम चुनौती भरा नहीं है और ये बात हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि इस साल देश के पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव होने हैं. ये पांच राज्य हैं पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, पुडुचेरी और केरल. राजनीतिक समीकरणों को देखें तो पांचों राज्यों में पांच अलग दलों की सरकार है और ये चुनाव ना केवल इन दलों को कसौटी पर परखने वाला साबित होगा बल्कि इसका प्रभाव राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ेगा. जहां एक तरफ बंगाल में TMC शासन में है तो वहीं तमिलनाडु में AIADMK सत्ता संभाल रही है. असम में बीजेपी का कमल खिला रहेगा या नहीं तो केरल में वाम मोर्चे की वापसी पर भी सबकी नजर रहेगी. इसके अलावा पुडुचेरी में कांग्रेस की साख दांव पर है, आइए अब एक एक कर जान लेते हैं इन सभी राज्यों के राजनीतिक गुना भाग को:-


वीओ 2: पश्चिम बंगाल- सबसे पहले बात पश्चिम बंगाल की. इस राज्य में विधानसभा की 294 सीटें हैं. यहां सत्ता ममता बनर्जी के हाथ है और उन्हें सबसे कड़ी चुनौती उस बीजेपी से मिल रही है जो पिछले चुनाव में मात्र तीन सीटें जीत पाई थी. लेकिन अब परिस्थितियां बदली हुई हैं और मुख्य मुकाबला इन दोनों के बीच ही माना जा रहा है. हालांकि कांग्रेस और वाम मोर्चा भी कई सीटों पर चुनौती को त्रिकोणीय बनाए हुए है. इसके अलावा AIMIM की एंट्री भी बंगाल के चुनाव को खासा रोचक बना देगी.


वीओ 3: असम- दूसरा ऐसा राज्य जिसके चुनाव पर हर किसी की नजर रहेगी वो है असम. NRC और इसको लेकर उपजे विवाद का इस चुनाव में खासा असर देखने को मिलेगा. राज्य में विधान सभा की 126 सीटें हैं और सरकार बनाने के लिए जरूरी आंकड़ा 64 का है. 2016 के चुनाव में बीजेपी 89 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और उसने 60 सीटें जीती थीं. वहीं असम गण परिषद ने 14 और बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट ने 12 सीटें जीती थीं. कांग्रेस ने 122 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसको सिर्फ 26 सीटों पर जीत मिली थी. असम में AIUDF भी एक बड़ा फैक्टर है जिसका प्रदर्शन बड़े दलों का गणित बिगाड़ सकता है.  


वीओ 4: तमिलनाडु- तीसरा राज्य जिसका चुनाव किसी फ़िल्मी कहानी से कम नहीं होगा वो है तमिलनाडु. 234 सीटों वाले इस राज्य में AIADMK सत्ता में है और उसका मुकाबला चिर प्रतिद्वंदी DMK से है. कमल हासन और रजनीकांत की एंट्री से राज्य में राजनीतिक कहानी कुछ और हो सकती थी लेकिन अब ऐसा नहीं है. अस्पताल से लौटने के बाद रजनीकांत ऐलान कर चुके हैं की वो राजनीति में नहीं उतरेंगे और ना ही तमिलनाडु का चुनाव लड़ेंगे. पहले उन्होंने ऐसी घोषणा की थी के वो पार्टी बना चुनाव में हाथ आजमाएंगे लेकिन अब एक बार फिर से राज्य में उन्हीं दलों के बीच मुकाबला होता नजर आ रहा है जो बीते चुनाव में थे.


वीओ 5: केरल- दक्षिण का ही दूसरा राज्य जहां चुनाव होने हैं वो है केरल. 140 सीटों वाले इस राज्य में अभी वाम मोर्चे की सरकार है और उसका मुकाबला है कांग्रेस की अगुवाई वाले गठबंधन UDF से. लेकिन अपने 'मिशन दक्षिण' पर निकली बीजेपी भी यहां पूरा जोर लगाए हुए है. हाल ही में हुए निकाय चुनावों में कुछ सीटों पर बीजेपी के प्रदर्शन ने इसके कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ा दिया है लेकिन लाल दुर्ग में भगवाधारी कितनी सेंध लगा पाएंगे ये तो चुनाव नतीजे ही बताएंगे.


वीओ 6: पुडुचेरी- और अब आखिर में बात केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की. पुडुचेरी में 30 विधानसभा सीटों के लिए चुनाव होगा. अभी यहां कांग्रेस नेता वी. नारायण सामी मुख्यमंत्री हैं और बीजेपी में शामिल रहीं तेज तर्रार किरण बेदी यहां की उपराज्यपाल हैं. पिछले चुनाव में कांग्रेस ने यहां सबसे ज्यादा 15 सीटें जीती थी. उसके बाद एआईएडीएमके को 4, एआईएनआरसी को 8, डीएमके को 2 और अन्य को 1 सीटें मिली थी. इस छोटे राज्य में भले ही कोई बड़ी राजनीतिक लड़ाई ना हो लेकिन यहां होने वाली हार जीत कांग्रेस की साख पर असर जरूर डालेगी

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