जिस छत्रसाल स्टेडियम में 14 साल की उम्र में पहलवानी के गुर सीखने के लिए पहली बार कदम रखा, उसी स्टेडियम में हुई एक मौत ने पहलवान सुशील कुमार (Sushil Kumar) को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया. लेकिन सबसे पहले जानने की कोशिश करते हैं कि आखिर अर्श से फर्श तक के इस सफर में क्या-क्या पड़ाव आए ?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसी महीने की 4 तारीख को करीब 11 बजे मॉडल टाउन के एक फ्लैट से मृतक पहलवान सागर धनखड़ और उसके साथियों को किडनैप कर लिया गया. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि किडनैपिंग के वक्त कार में सुशील कुमार मौजूद थे. इसके बाद इन सभी को गन प्वाइंट पर छत्रसाल स्टेडियम ले जाया गया.
आरोप है कि स्टेडियम की पार्किंग में सागर और उसके दोस्तों सोनू और अमित कुमार को बुरी तरह पीटा गया. जिससे तीनों की हालत बेहद खराब हो गई, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां सागर ने दम तोड़ दिया.
इस बीच 4 मई से लेकर 22 मई तक का वक्त गुज़र जाता है. सुशील कुमार और दिल्ली पुलिस के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहता है. कभी सुशील के उत्तराखंड में छिपे होने की बात सामने आती है तो कभी हरियाणा में मौजूद होने की. फिर दिल्ली पुलिस ने सुशील पर एक लाख के नकद इनाम की घोषणा भी कर दी और लुकआउट नोटिस भी जारी कर दिया गया.
15 मई को सुशील (Sushil Kumar) के खिलाफ कोर्ट की ओर से गैरजमानती वारंट जारी कर दिया गया. सुशील ने रोहिणी की अदालत में अग्रिम बेल की अर्जी दाखिल की. कोर्ट ने 18 मई को सुशील की याचिका खारिज कर दी.
इस दौरान पुलिस की कई टीमों ने कई राज्यों में छापेमारी और तलाशी को अंजाम दिया. कोर्ट का रास्ता सुशील के लिए बंद हो चुका था, और उसके पास अब बहुत विकल्प बच नहीं गए थे, इसी बीच 23 मई यानि रविवार को खबर आई कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने मुंडका इलाके से सुशील कुमार और साथी अजय को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद सुशील की गिरफ्तारी को लेकर जो थ्योरी सामने आ रही है. उसके मुताबिक, दिल्ली पहुंचते ही सुशील कुमार वेस्ट दिल्ली के हरि नगर में रहने वाली एक लड़की के घर गया.
- उसी लड़की से सुशील कुमार ने स्कूटी ली.
- जिस लड़की के नाम ये स्कूटी है वो नेशनल लेवल की हैंडबॉल प्लेयर बताई जा रही है.
- स्कूटी लेने के बाद सुशील कुमार उसी स्कूटी पर सवार होकर अजय के साथ किसी से पैसे लेना जा रहा था.
- माना जा रहा है कि लगातार भागते रहने से सुशील के पास पैसे खत्म हो गए थे.
इसी दौरान दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने सुशील कुमार को पकड़ लिया
कहा जा रहा है कि इस दौरान सुशील कुमार पुलिस की पकड़ से दूर रहने के लिए कई तरह के हथकड़ों का इस्तेमाल कर रहा था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,
- सुशील कुमार इंटरनेट के जरिए ही फोन कॉल कर अपने करीबियों के संपर्क में बना हुआ था.
-यही नहीं हरिनगर की जिस लड़की की स्कूटी उसने इस्तेमाल की उसे भी सुशील ने फोन नहीं किया.
- सुशील सीधा उसके घर गया और स्कूटी मांगी.
- कहा ये भी जा रहा है कि 4 मई की घटना को सुशील कुमार ने अपने फोन पर रिकॉर्ड भी करवाया था.
- इस रिकॉर्डिंग के जरिए कुश्ती के सर्किट में अपना भय कायम करना चाहता था.
अब पुलिस 4 मई से लेकर 22 मई तक के बीच 19 दिनों की गुत्थी सुलझाने की कोशिशों में लगी है. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो 4 मई के बाद दरअसल कुछ ऐसा हुआ कि
-सागर की हत्या की जानकारी के बाद सुशील अपने घर से निकल गए.
-इसके बाद वो शालीमार बाग में अपने एक पुराने जानकार के पास आए.
-यहां से उन्होंने कार ली और उत्तराखंड चले गए.
-जिसके बाद वो मुजफ्फरनगर गए और वहां से दिल्ली आ गए.
-इसी दौरान 6 मई को वह मेरठ टोल नाके पर देखे गए थे.
सागर के साथ मारपीट और मौत से लेकर सुशील की लुकाछिपी को लेकर अभी ऐसे बहुत सारे एंगल हैं, जिन पर दिल्ली पुलिस काम कर कर रही है. माना जा रहा है कि जल्दी ही ये केस क्राइम ब्रांच को सौंपा जा सकता है, क्योंकि अभी ऐसे बहुत सारे सवाल हैं जिनका जवाब बाकी है ? मसलन आखिरकार रात के आधी पहर में सागर और उसके दोस्तों को क्यों बेरहमी से मारा गया.
सुशील कुमार (Sushil Kumar) ने मारपीट की वीडियो रिकॉर्डिंग क्यों करवाई ऐसा कर वो क्या हासिल करना चाहते थे ? आखिर ऐसा क्या हुआ कि कुश्ती के इस राष्ट्रीय हीरो को पुलिस से मुंह छिपाकर ऐसे भागना पड़ा ? अपने परिवार और देश का नाम रोशन करने के बाद सुशील आखिरकार किस रास्ते की ओर चले गए थे. ऐसे कई सवाल हैं, जिनका जवाब जांच में ही सामने आ पाएगा.