विश्व धूम्रपान निषेध दिवस को मनाने के लिए इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन टीनएजर्स यानि किशोरों को नशे की गिरफ्त में आने से बचाने पर जोर देना चाहता है। WHO के एक अनुमान के अनुसार, लगभग 90 प्रतिशत धूम्रपान करने वाले लोग 18 साल की उम्र से पहले ही स्मोकिंग करना शुरू कर देते हैं और 13-15 साल के 4 करोड़ से अधिक युवा पहले ही तंबाकू का सेवन करना शुरू कर चुके हैं। WHO ने ये भी साफ किया कि स्मोकिंग का 'सुरक्षित' विकल्प माने जाने वाले ई-सिगरेट और हु्क्के की लत भी उतनी ही हानिकारक हैं...जिससे दिल और फेफड़े की बीमारियों का खतरा अधिक है...उन्होंने बताया कि बाजारों में उपलब्ध बबलगम और कैंडी फ्लेवर जैसे करीब 15000 से अधिक विकल्प युवाओं को धूम्रपान के प्रति दोगुना आकर्षित कर रहे हैँ।