लोकसभा के बाद राज्यसभा (Rajya Sabha) में भी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) विधेयक यानी GNCT Bill पास होने के बाद भी सियासी संग्राम थम नहीं रहा. विपक्ष इसे एक चुनी हुई सरकार को खत्म करने साजिश बता रहा है तो सत्ता पक्ष इसके फायदे गिना रहा है. ऐसे में जानते हैं कि इस विधेयक के पास होने से क्या अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. आखिर कैसे दिल्ली में सरकार का मतलब उप राज्यपाल (Lieutenant governor) का शासन हो जाएगा?
GFX HEADER- क्या है राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (संशोधन) बिल ?
सभी विधायी व प्रशासनिक फैसलों में उपराज्यपाल से मंजूरी जरूरी
दिल्ली सरकार को विधायी प्रस्ताव 15 दिन पहले बताने होंगे LG को
प्रशासनिक प्रस्ताव 7 दिनों पहले बताने होंगे उपराज्यपाल को
LG प्रस्तावों से सहमत नहीं होंगे तो उसे राष्ट्रपति को भेज सकेंगे
कभी त्वरित फैसले की जरूरत होगी तो विवेक से निर्णय लेंगे LG
विधानसभा या उसकी समिति प्रशासनिक फैसलों की जांच नहीं कर सकेगी