भाद्रपद की चतुर्थी तिथि से दस दिनों का गणपति महोत्सव आरंभ होता है. गणपति पूजन में कुछ कार्य वर्जित हैं. पहली पूजा के दिन चंद्रमा की पूजा का विधान जरूर है पर चंद्र दर्शन की मनाही है. इसलिए इस शाम दृष्टि नीची कर चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है. पुराणों के अनुसार श्रीकृष्ण ने इस दिन चंद्र दर्शन किया था जिसकी वजह से उनपर मिथ्या आरोप लगे थे. एक पौराणिक कथा के अनुसार गौरी पुत्र गणेश ने चंद्रमा को शाप दिया था. इस वजह से ही चतुर्थी के दिन चंद्र दर्शन को निषेध माना गया है.