कई बार एक ही जगह पर या एक ही स्थिति में काफी देर तक बैठे रहने पर अंग सुन्न हो जाते हैं. सुन्न होने की स्थिति में किसी स्पर्श का एहसास नहीं होता, किसी काम को करना मुश्किल हो जाता है. कभी-कभी दर्द और कमजोरी भी महसूस होती है. असल में एक ही पोज़िशन में बहुत देर तक रहने से कुछ नसें दब जाती हैं जिनके कारण हाथ या पैरों को सही मात्रा में ऑक्सीज़न नहीं मिल पाता. ऑक्सीज़न की कमी होने से बॉडी पार्ट्स बचाव की मुद्रा में आ जाते हैं. दिमाग को इसका पता लगता है तो वो इन झटपटाते हाथों की मदद करने के लिए हमें झनझनाहट के सिग्नल देता है, जिससे हम चहलकदमी करने के लिए मजबूर हो जाते हैं.