अमेरिकी चुनाव में हर नजर स्विंग या बैटलग्राउंड स्टेट्स पर ही होती है, जो इन्हें जीतता है वही राष्ट्रपति बनता है. इसके अलावा विनर टेक्स ऑल का फॉर्मूला भी अमेरिकी चुनाव में रोचक है, हालांकि इसकी आलोचना भी काफी होती है. तो आइए आपको समझाते हैं कि आखिर ये होते क्या हैं.
क्या हैं स्विंग या बैटलग्राउंड स्टेट
--- स्विंग स्टेट्स ही दरअसल चुनाव का रुख तय करते हैं
--- जो इन्हें यानि बैटलग्राउंड स्टेट्स को जीतता है वही चुनाव जीतता है
--- इसीलिए सारी मेहनत इनपर ही होती है
---- फ्लोरिडा, विस्कॉन्सिन, जॉर्जिया, अरिजोना, मिशिगन, मिनेसोटा, नेवाडा, नॉर्थ कैरोलाइना, ओहायो, न्यू हैंपशायर, पेन्सिलवेनिया ये स्विंग स्टेट्स
--- 2016 में फ्लोरिडा के 29 वोट ट्रंप के लिए रहे अहम
--- पेन्सिलवेनिया, मिशिगन और विस्कॉन्सिन के 46 वोट भी पिछली बार ट्रंप को
सब हेडर- क्या है WTA ‘विनर टेक्स ऑल’ ?
--- अमेरिकी चुनाव की अजीबोगरीब और अलोकतांत्रिक प्रक्रिया
--- जिस उम्मीदवार को 50% से अधिक पॉपुलर वोट मिला उसे राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट
--- मतलब भले जनता ने हिलेरी क्लिंटन को चुना हो पर ट्रंप बन गए राष्ट्रपति
--- हिलेरी को 2016 में मिले थे 48.2% पॉपुलर वोट और ट्रंप को 46.1%
--- पर बड़े स्टेट्स में ट्रंप जीते और इलेक्टोरल कॉलेज वोट से राष्ट्रपति बन गए
--- ट्रंप को मिले थे 304 इलेक्टोरल कॉलेज वोट और हिलेरी को 227
--- अल गोर 2000 में बुश से ऐसे ही हारे थे
--- अमेरिका के 48 राज्यों में ये लागू, सिर्फ मायने और नेबरास्का में नहीं
सब हेडर- राज्यों के 3 रंग क्यों?
--- चुनाव में अमेरिकी राज्य रेड, ब्लू और पर्पल स्टेट में बांटे जाते हैं
--- रेड स्टेट यानि वो राज्य जो हमेशा रिपब्लिकन को वोट करते हों जैसे टेक्सस
--- ब्लू स्टेट यानि वो राज्य जो डेमोक्रैट्स के गढ़ हों जैसे कैलिफोर्निया या न्यूयॉर्क
--- पर्पल स्टेट यानि वो राज्य जो किसी ओर नहीं, इन्हें स्विंग या बैटलग्राउंड स्टेट भी कहते हैं