कोविड-19 (Coronavirus) की दूसरी लहर इस समय पूरे देश में तेजी से लोगों को अपना शिकार बना रही है. ऐसे में हर तरफ लोग अपनों को घर पर सुरक्षित रहने, मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह दे रहे हैं. इसी बीच अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने मास्क को लेकर एक नया खुलासा किया है.
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CDC के विशेषज्ञों का कहना हैं कि एक मास्क की जगह दो मास्क पहनना ज्यादा कारगर है. इसे डबल मास्किंग कहा जाता है. ये शरीर में जाने वाले संक्रमण के ड्रॉपलेट को रोकने में 90 प्रतिशत से भी ज्यादा कारगर है.
इस एक्सप्लेनेर में समझते हैं डबल मास्किंग क्या है, एक साथ दो मास्क कैसे पहने जाते हैं, कब डबल मास्क पहनना है और कब नहीं, जैसे सवालों के जवाब...
डबल मास्किंग यानी दो मास्क एक साथ पहनना जिनमें से एक सर्जिकल मास्क होता है और दूसरा साधारण कपड़े वाला मास्क
CDC की स्टडी में कहा गया है कि मास्क जो आपके चेहरे पर कसकर फिट हो सके, वही कोरोना वायरस को रोकने में प्रभावी है. सर्जिकल मास्क जिस पर नॉट नहीं लगी होती है वह 56.1 प्रतिशत तक कणों को रोक सकता है जबकि कपड़े का मास्क करीब 51.4 फीसदी कणों को रोक पाता है. ऐसे में नॉट लगा हुआ और बंधा हुआ सर्जिकल मास्क और कपड़े का मास्क मिलकर 85.4 फीसदी तक कणों को रोकने में कारगर हैं.
डबल मास्क लगाने के बाद कुछ देर टहल कर या चलकर देखें अगर सांस लेने में तकलीफ हो तो सिंगल मास्क ही पहनें. ध्यान रखें कि सांस लेने में परेशानी होने पर डबल मास्क ना पहनें.
1. एक के ऊपर एक सर्जिकल मास्क
2. N95 के ऊपर कोई दूसरा मास्क
1. घर से बाहर जाने पर
2. डॉक्टर के पास जाने पर
3. यात्रा करने पर
4. किसी भी भीड़ भरी जगह जाने पर
5. ऐसी जगह जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना मुश्किल हो
विशेषज्ञों के मुताबिक आउटर मास्क आपके अंदर के मास्क के किनारों पर हल्का दबाव बनाए रखता है और बेहतर तरीके से सील करता है. डॉक्टरों का कहना है कि वायरस आपकी छींक से निकलने वाली बूंदों से फैलता है. ऐसे में डबल मास्किंग एक तरह से फिल्टर का काम करती है. इसके अलावा आपके खांसने और छींकने पर आपके आसपास मौजूद लोगों के लिए प्रोटेक्शन का काम करता है.
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