उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन के कोच पद से इस्तीफा देने वाले वसीम जाफर ने अपने उपर लगे धार्मिक भेदभाव के आरोपों पर चुप्पी तोड़ी है. उन्होंने वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि ऐसे आरोप बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण हैं. आपको बता दें कि उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन से मतभेद के बाद जाफर ने मंगलवार को कोच पद छोड़ दिया, जिसके बाद संघ के सचिव महिम वर्मा ने उनपर धार्मिक आधार पर टीम चयन की कोशिश जैसा आरोप लगाया. मुस्लिम खिलाड़ियों को तरजीह देने के सवाल पर जाफर ने कहा कि कप्तान के लिए मेरी पसंद तो जय बिष्ट थे, इकबाल तो संघ की पसंद थे. उन्होंने कहा कि CAU द्वारा चयन में दखल और सेलेक्टर्स के साथ साथ सचिव द्वारा चयन में पतक्षपात को लेकर उन्होंने कोच का पद छोड़ा. उन्होंने कहा कि टीम के कई खिलााड़ी एक धार्मिक नारा लगाते थे लेकिन मैंने उन्हें 'गो उत्तराखंड' का नारा लगाने का सुझाव दिया. जाफर को जून 2020 में उत्तराखंड टीम का कोच बनाया गया था, लेकिन चयन में दखल और एसोसिएशन के कुछ लोगों के पक्षपातपूर्ण रवैये के चलते उन्होंने कोच पद से इस्तीफा दे दिया था.