आइसलैंड की राजधानी रेकोविक (Reykjavik) से महज़ 40 किलोमीटर की दूरी पर शुक्रवार को ज्वालामुखी फट गया. जिससे आसमान में काफी ऊंचाई तक नारंगी रंग की लपटें जाती हुई दिखी. इस पेनिनसुला पर पिछले चार हफ़्तों में चालीस हज़ार भूकंप के झटके आ चुके हैं.
रात 9.45 बजे हुए विस्फोट के बाद आस पास के इलाकों को पहले ही खाली करा लिया गया था. इस बात की आशंका पहले से ही जाहिर की जा रही थी कि यह ज्वालामुखी कभी भी फट सकता है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह ज्वालामुखी 900 सालों से ज़मीन के अंदर था. अब इसमें विस्फोट हुआ. चश्मदीदों ने बताया कि जब विस्फोट हुआ तो उससे धुंआ या गुबार नहीं निकला. बल्कि सीधे लावा ही बाहर आया.