संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के क्यूबा (Cuba) पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के फैसले के खिलाफ निंदा प्रस्ताव (censure motion) पारित किया गया जिसका 193 सदस्य देशों में से 184 ने समर्थन किया है जिसमें भारत भी शामिल है. इस प्रस्ताव का अमेरिका (America) और इजरायल ने विरोध किया जबकि ब्राजील, कोलंबिया और यूक्रेन प्रक्रिया में शामिल ही नहीं हुए. वहीं चार देशों ने वोट से ही इनकार कर दिया.
अमेरिकी राजनयिक रोडनी हंटर ने प्रस्ताव पर वोटिंग से पहले बाइडेन प्रशासन का पक्ष रखते हुए कहा कि आर्थिक प्रतिबंध लगाने के पीछे अमेरिका का लक्ष्य लोकतंत्र और ह्यूमन राइट्स की रक्षा करना है और यही हमारी नीति का प्रमुख आधार भी रहा है. रोडनी हंटर ने कहा कि क्यूबा पर लगाए गए प्रतिबंध आगे भी जारी रहेंगे. मालूम हो कि डॉनल्ड ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा पर वाणिज्यिक एवं वित्तीय प्रतिबंधों को सख्त करने के साथ ही अमेरिकी नागरिकों के क्यूबा की यात्रा पर पाबंदी लगाई थी जिसकी वजह से क्यूबा को 5 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था.