पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने इस बजट को देश के लोगों से धोखा करार दिया है. उन्होंने कहा कि महामारी के बाद आए इस बजट से बहुत उम्मीद थी, लेकिन ये बजट अब तक का सबसे ज्यादा मायूस करने वाला बजट साबित हुआ. पूर्व वित्त मंत्री बोले कि सबसे अलग बजट के वादे के बाद उम्मीदें थीं कि सरकार खर्च बढ़ाएगी ताकि निजी निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिले, आम जनता के हाथ में पैसा आए पर ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सरकार ने देश के लोगों खासकर गरीबों, कामकाजी तबके, मजूदरों, किसानों, स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है. पब्लिक सेक्टर बैंकों को कोई मदद न देने पर नाराजगी जताते हुए चिदंबरम बोले कि ऐसा उन्हें प्राइवटाइज करने के मकसद से किया गया है. चिदंबरम बोले कि बजट भाषण में तो रक्षा समेत कई अहम विषयों का वित्त मंत्री ने उल्लेख तक नहीं किया. यही नहीं उन्होंने चुनावी राज्यों को लेकर की गई घोषणाओं पर भी सवाल उठाए.