हरियाली तीज का इंतजार महिलाओं को काफी बेसब्री से होता है। पति की लंबी उम्र के लिए महिलाएं जहां पूरे दिन व्रत रखती हैं तो वहीं मेहंदी, चूड़ी, आल्ता के साथ सोलह श्रृंगार भी करती है। इसे आस्था, सौंदर्य और प्रेम का प्रतीक भी माना जाता है। तीज के लिए महिलाए तैयारियां पहले से ही शुरु कर देती है। हाथों-पैरों पर मेंहदी लगाने के लिए बाजार में काफी भीड़ देखने को मिलती है। हरियाली तीज के मौके पर जयपुर की सड़कों पर इसकी खास रौनक रहती है... जयपुर दूसरे कई पारंपरिंक कार्यक्रमों के साथ तीज माता की झांकियां निकाली जाती है...इस त्योहार का धूम नेपाल में भी काफी देखने को मिलती है.... यहां महिलाएं एक साथ आकर नाच-गाने के साथ इस दिन को मनाती है। यूपी बिहार में इस मौके पर गुझिया और ठेकुआ बनाया जाता है तो वहीं जयपुर में बेटियों को कपड़े, गहने के साथ सिंजारे में दिए घेवर काफी मशहूर है। सावन के महीने में हर ओर हरियाली होती है, ऐसे में इस दिन महिलाओं के झूला झूलने का भी विशेष महत्व रहता है। कई जगहों पर सुहागिनों के अलावा कुंवारी कन्याएं भी इस व्रत और पूजा को करती हैं।