नए कृषि कानूनों के विरोध में सरकार और किसानों के बीच गतिरोध 100 दिन बाद भी खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. ऐसे में सरकार की ओर से एक बार फिर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा है कि सरकार आंदोलनकारी किसानों की भावनाओं का सम्मान करते हुए नए कृषि कानूनों में संशोधन के लिए तैयार है. लेकिन इस मसले पर अन्नदाता का अहित कर राजनीति की जा रही है.उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में असहमति का स्थान है...लेकिन क्या विरोध इस कीमत पर हो कि देश का ही नुकसान हो जाए.बता दें कि कृषि कानूनों के विरोध में देश भर के किसान अपनी मांगों को लेकर 100 दिनों से ज्यादा वक्त से दिल्ली की सरहदों पर बैठे हैं.