टोक्यो ओलंपिक (Tokyo Olympics) में बॉक्सिंग (Boxing) में देश को सबसे ज्यादा मेडल की उम्मीद हैं. महिलाओं में जहां एमसी मैरीकॉम पदक की प्रबल दावेदार हैं वहीं पुरुषों में अमित पंघाल (Amit Panghal) से देश को गोल्ड लाने की उम्मीद होगी. 52 किलोग्राम वेट कैटेगरी में अमित इस समय दुनिया के नंबर वन खिलाड़ी हैं. वे ओलंपिक में जाने वाले भारत के एकमात्र बॉक्सर (Boxer) हैं जिनकी अपनी कैटेगरी में नंबर वन रैंक है. अमित पंघाल हरियाणा के रोहतक जिले में एक किसान परिवार से आते हैं. पहले वो 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी में खेलते थे.
इंटरनेशनल बॉक्सिंग एसोसिएशन (AIBA) ने जब 48 किलोग्राम वेट कैटेगरी को ओलंपिक से हटाने का फैसला लिया तब पंघाल ने 52 किलोग्राम वेट कैटेगरी में शिफ्ट कर लिया. अपने दमदार पंचों से पंघाल दिग्गजों को मात देने में सक्षम है. इसी साल एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में मिली अप्रत्याशित हार को भुलाकर वो ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने के लिए प्रतिबद्ध नजर आ रहे हैं.
आइए अब एक नज़र डालते हैं अमित पंघाल के अब तक के सफर पर:
अमित पंघाल ने 2017 में नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीता था. उसके बाद इसी साल एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतते ही वो सुर्खियों में आ गए. उन्होंने बुल्गारिया में प्रतिष्ठित स्ट्रांदजा मेमोरियल में स्वर्ण पदक हासिल किया और फिर वह 2018 में एशियाई चैम्पियन भी बने. बता दें कि यूरोप के सबसे पुराने और प्रतिष्ठित प्रतियोगिता स्ट्रांदजा मेमोरियल में लगातार दो बार स्वर्ण पदक हासिल करने वाले पंघाल इकलौते भारतीय मुक्केबाज हैं. सितंबर 2019 में AIBA वर्ल्ड बॉक्सिंग चैम्पीयन्शिप में पंघाल ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया. वो इस प्रतियोगिता में ये उपलब्धि हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं. पंघाल इसके अलावा 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और 2020 के बॉक्सिंग विश्व कप में भी गोल्ड मेडल जीत चुके हैं. 2019 से ही एआईबीए AIBA की रैंकिंग में वो शीर्ष स्थान पर हैं.