भारत में अबतक कोरोना(Corona virus India Update) के 38 करोड़ से ज्यादा सैंपल्स की जांच हो चुकी है लेकिन इसमें से केवल 28 हजार की ही जीनोम सीक्वेंसिंग(Genome Sequencing) हो पाई है. इस आधार पर अबतक देश में कोरोना के 120 से ज्यादा वैरिएंट(Corona Variants) मिल चुके हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें से 8 बेहद खतरनाक हैं जबकि 14 की अभी जांच जारी हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 8 बेहद खतरनाक वेरिएंट को बीटा, एल्फा, गामा, ईटा, कापा, डेल्टा प्लस और लोटा नाम दिया है. इनमें से कुछ के मामले ज्यादा हैं तो कुछ के कम हैं. सीक्वेंसिंग के जरिए ही वायरस के बदलते स्वरूपों के बार में पता लगाया जा सकता है. इस काम के लिए हर राज्य में 5 फीसदी सैंपल की जांच जरूरी है लेकिन फिलहाल 3 फीसदी तक भी जांच नहीं हो पाई है. बीते 2 महीनों में इन वेरिएंट्स में सबसे ज्यादा डेल्टा वेरिएंट के 76 फीसदी और कापा के 8 फीसदी मामले मिले हैं.