40 के बाद आपके शरीर में 20 और 30 वाली एनर्जी नहीं रह जाती है और ना ही उतना स्टैमिना. साथ ही शरीर में कई हॉर्मोनल बदलाव भी होते हैं और इम्यूनिटी भी कम होती है इसलिए इस उम्र में भी कुछ टेस्ट करवाने बहुत ज़रूरी हैं.
मैमोग्राम - ये वो उम्र होती है जब ब्रेस्ट कैंसर का खतरा सबसे ज़्यादा होता है इसलिए इस दौरान साल में एक बार मैमोग्राम, अल्ट्रा सोनोग्राफी या फिर क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन करवाना बहुत ज़्यादा ज़रूरी हो जाता है.
बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट - महिलाओं में पुरुषों के मुकाबले ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कई गुना ज़्यादा है. ये शरीर में एस्ट्रोजेन नाम के हॉर्मोन की कमी की वजह से होता है. यही वजह है कि महिलाओं को सालाना बोन मिनरल डेंसिटी टेस्ट ज़रूर करवाना चाहिए और इस हॉर्मोन में कमी पाए जाने पर समय रहते खानपान में बदलाव और कैल्शियम सप्लिमेंट लेना शुरू कर देना चाहिए.
ओवेरियन कैंसर - मेनोपॉज़ के बाद महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का खतरा बढ़ जाता है. ये कैंसर डीएनए सेल्स में बदलाव के कारण होता है. नियमित अल्ट्रासाउंड, ट्यूमर मार्कर जैसे CA1.25,सीईए से आसानी से बीमारी की शुरुआत का पता लगा सकते हैं