Fatigue In Virtual Meetings: कोरोना के दौर में ऑफिस जाना बंद हुआ तो वर्चुअल मीटिंग्स (Virtual Meetings) का चलन बढ़ गया. शुरुआत में तो ये सब काफी सहूलियत भरा लग रहा था लेकिन लंबे समय तक चले आ रहे ऑनलाइन काम और वर्चुअल मीटिंग से लोग थकान महसूस करने लगे हैं. एक रिसर्च में पाया गया है कि वर्चुअल मीटिंग्स में कैमरा ऑन रहने से ‘ज़ूम फटीग’ (Zoom Fatigue) बढ़ती है, मतलब आप थका हुआ और कम एनर्जेटिक फील करते हैं और अगर उन वर्चुअल मीटिंग्स के दौरान कैमरा बंद रखा जाए, तो कम थकान महसूस होती है. ये रिसर्च जर्नल ऑफ अप्लाइड साइकोलॉजी में प्रकाशित हुई है
इस रिसर्च के लिए लगभग 103 लोगों को चार हफ़्तों तक ऑब्ज़र्व किया गया और इस दौरान करीब 1,400 ऑब्ज़र्वेशन्स किये गए.
इस एक्सपेरिमेंट के दौरान जिन लोगों ने मीटिंग के समय अपने कैमरा ऑन रखे थे उन्हें उन लोगों की तुलना में ज़्यादा थकान का अनुभव हुआ जिन्होंने कैमरा ऑफ किया हुआ था. इसके अलावा रिसर्चर्स ने ये भी पाया कि जिन लोगों ने कैमरा ऑन किया हुआ था उनका मीटिंग में पार्टिसिपेशन भी उन लोगों से कम रहा जो कैमरा बंद कर के मीटिंग का हिस्सा बने थे.
स्टडी के मुताबिक वर्चुअल मीटिंग में थकान का यह असर महिलाओं और नए कर्मियों पर सेल्फ प्रेज़ेंटेशन के दवाब के कारण ज़्यादा पाया गया. रिसर्चर्स का मानना है कि महिलाएं परफेक्ट दिखने तथा बच्चों के कारण किसी अवरोध को लेकर ज़्यादा सतर्क होती हैं. जबकि नए कर्मचारी खुद को एक्टिव और प्रोडक्टिव दिखाने के चक्कर में तनाव में रहते हैं.