इंसान को जब उसकी समस्या का मन-मुताबिक समाधान नहीं मिल पाता तो उसे आत्महत्या ही एकमात्र विकल्प दिखाई देता है. दुनिया में हर 40 सेकेंड में एक व्यक्ति अपनी जान ले लेता है पर क्या आपको पता है कि आत्महत्या एक प्रवृति है जिसका अध्ययन आपकी जन्म कुंडली देख कर किया जा सकता है.
कुंडली के चार खास ग्रह और उनकी स्थिति आत्महत्या की प्रवृति के लिए जिम्मेदार हैं. मन का कारक चंद्रमा अगर पीड़ित अवस्था में है तो मानसिक उलझनें हद से ज्यादा बढ़ती हैं. बुद्धि का कारक ग्रह बुध अष्टम भाव में पीड़ित हो तो ऐसे में सही निर्णय लेने की क्षमता प्रभावित होती है. इसके अलावा मंगल और राहु ऐसे दुस्साहसी ग्रह हैं जो आत्महत्या के लिए उकसाते हैं.
अगर इन ग्रहों की महादशा, अंतर्दशा चल रही हो और ये मारक भाव में स्थित हों तो मामला ज्यादा बिगड़ सकता है. कुंडली में आत्महत्या योग का अध्ययन कई अन्य पहलुओं को भी ध्यान में रखकर किया जाता है.