अफगानिस्तान से 20 साल बाद अमेरिकी सैनिकों (US Army)की पूरी तरह से वापसी पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन पर जमकर हमला बोला है.
ट्रंप ने कहा कि अफगानिस्तान से जिस तरह से अमेरिकी सैनिक लौटे, इतिहास में इससे बुरी तरह कभी युद्ध से वापसी नहीं हुई. ट्रंप ने मांग की कि जल्दबाजी में छोड़े गए सभी सैन्य उपकरणों को वापस लाया जाए. ट्रम्प ने कहा, "सभी उपकरणों को अमेरिका को तुरंत वापस करने की मांग की जानी चाहिए,
उन्होंने कहा कि अगर इसे वापस नहीं किया जाता है, तो अमेरिका को सैन्य बल के साथ जाकर इसे लाना चाहिए या कम से कम बस से उड़ा कर इसे खत्म कर देना चाहिए. ट्रम्प ने जल्दबाजी में अमेरिकी सैनिकों की वापसी के फैसले को बाइडेन की कमजोर दिमाग का नतीजा करार दिया.
अफगानिस्तान (Afghanistan) में आखिरकार अमेरिकी सेना (US Army) की 20 साल की मौजदूगी का अंत हो गया है. सोमवार की देर रात काबुल एयरपोर्ट (Kabul airport) से अमेरिकी सेना के अंतिम तीन विमानों ने भी उड़ान भरी, और इसी के साथ अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान का अंत हो गया. काबुल से अमेरिकी सैनिकों के निकलने के बाद तालिबानियों ने हवा में गोलियां दाग कर जीत का जश्न भी मनाया.
सभी सैनिकों की वापसी पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने बाइडेन ने कहा कि अब अफगानिस्तान में हमारी 20 साल की सैन्य मौजूदगी समाप्त हो गई है. उन्होंने अपने देश के कमांडर्स का शुक्रिया अदा किया. बाइडेन ने कहा कि पिछले 17 दिनों में हमारे सैनिकों ने अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़े एयरलिफ्ट को अंजाम दिया है. 1,20,000 से अधिक अमेरिकी, अफगान और दूसरे देशों के नागरिकों को निकाला गया.
बाइडेन ने कहा कि मैंने विदेश मंत्री से कहा है कि वो अपने अंतरराष्ट्रीय भागीदारों के साथ निरंतर संपर्क में रहें ताकि किसी भी अमेरिकी, अफगान सहयोगियों और विदेशी नागरिकों के लिए सुरक्षित मार्ग सुनिश्चित किया जा सके जो अफगानिस्तान छोड़ना चाहते हैं.