कोरोना के कारण लंबे समय से स्कूल बंद हैं, इसके बावजूद पूरी फीस देने को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों के बीच चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. कोर्ट ने निर्देश दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2020-21 के लिए छात्रों से सालाना 15 प्रतिशत कम फीस वसूला जाए. क्योंकि उन्हें वो सारी सुविधा नहीं मिल पा रही है, जो स्कूल जाने पर मिलती थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला फिलहाल सिर्फ राजस्थान के निजी शैक्षणिक संस्थानों के लिए है. दरअसल, हाल ही में राजस्थान HC ने फैसला दिया था कि निजी स्कूल ट्यूशन फीस 70 फीसदी ही लें, जिसके खिलाफ निजी स्कूल सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे और पूरी फीस लिए जाने की अपील की थी. अब सुप्रीम कोर्ट राजस्थान हाई कोर्ट के फैसले पर रोक लगा दी है, साथ ही पैरेंट्स की याचिकाओं को भी खारिज कर दिया है.
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
छात्रों से सालाना 15 प्रतिशत कम फीस वसूला जाए
अभिभावकों से फीस का भुगतान 6 बराबर किश्तों में लिया जाए
फीस ना जमा करने पर भी 10वीं-12वीं के छात्रों का रिजल्ट नहीं रोका जा सकता
स्कूल ऐसे छात्रों को क्लास या परीक्षा में बैठने से रोक नहीं सकते
यदि स्कूल अपने छात्रों को और छूट देना चाहें तो दे सकते हैं