सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा पास किए गए तीनों कृषि कानूनों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है. साथ ही अब इस मसले को सुलझाने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है. इस कमेटी में कुल चार लोग शामिल होंगे. यह कमेटी मामले की मध्यस्थता नहीं, बल्कि समाधान निकालने की कोशिश करेगी. जानते हैं कौन लोग हैं इस कमेटी में और कृषि कानूनों को लेकर उनकी क्या राय रही है...
- भूपिंदर सिंह मान - भारतीय किसान यूनियन - कृषि कानूनों के पक्ष में कृषि मंत्री को 14 दिसंबर को लिखी थी चिट्ठी, ये भी कहा था कि कुछ तत्व इन कृषि कानूनों के बारे में किसानों में गलतफहमियां पैदा कर रहे हैं.
- अनिल घनवंत - शेतकारी संगठन - कानून वापसी के पक्ष में नहीं, बातचीत और संशोधन के पक्ष में
- अशोक गुलाटी - कृषि अर्थशास्त्री - कमेटी के अध्यक्ष - राकेश टिकैत ने लिखा है कि गुलाटी ने ही कृषि कानूनों की सिफारिश की थी.
- डॉ. प्रमोद कुमार जोशी - अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान - हाल में ट्वीट कर लिखा था कि हमें MSP से परे, नई मूल्य नीति पर विचार करने की आवश्यकता है.
आपको बता दें कि ये कमेटी अपनी रिपोर्ट सीधे सुप्रीम कोर्ट को ही सौंपेगी. जबतक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आती है तबतक कृषि कानूनों के अमल पर रोक जारी रहेगी.