INDIAN ECONOMY: भारत की आर्थिक वृद्धि (ECONOMIC GROWTH) दर आने वाली तिमाहियों में मजबूत रहेगी. हालांकि, खाद्य वस्तुओं के दाम में तेजी के साथ मुद्रास्फीति (Inflation) ऊंची रह सकती है. S&P ग्लोबल रेटिंग्स एजेंसी ने बुधवार को यह जानकारी दी. S&P के मुताबिक 2021-22 में आर्थिक वृद्धि दर 9.5 फीसदी रहने का अनुमान है, जबकि अगले वित्त वर्ष यानी 2022-23 में यह 7 प्रतिशत रह सकती है.
S&P ग्लोबल रेटिंग्स के निदेशक एंड्रयू वुड ने कहा कि भारत के राजकोषीय घाटे (fiscal year) की कमजोर स्थिति एवं GDP के मुकाबले कर्ज 90 फीसदी के करीब पहुंचने को देखते हुए राजकोषीय स्थिति में और गिरावट को रोकने व इसे कुछ हद तक मजबूत करने के लिए बाजार मूल्य पर GDP वृद्धि दर महत्वपूर्ण है.
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राजकोषीय घाटा अगले दो साल तक ऊंचा बना रहेगा, लेकिन कर्ज या GDP अनुपात स्थिर होने का अनुमान है. उन्होंने कहा कि महामारी के संदर्भ में भारत की स्थिति मजबूत हुई है. देश ने रिकॉर्ड गति से विदेशी मुद्रा भंडार जुटाया है.