ओडिशा के पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा के बाद इस साल तीनों रथों को परंपरा के मुताबिक तोड़ने के बजाय संरक्षित किया जाएगा. श्री जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक ने इस बारे में बताया कि, इस बार परंपरा से उलट भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों को संरक्षित कर आम लोगों के लिए जगन्नाथ बल्लभ मठ में रखा जाएगा. बता दें कि इस साल रथयात्रा में किसी भी श्रद्धालु को दर्शन की अनुमति नहीं दी गई थी और कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए आयोजन को भी काफी छोटा रखा गया था. अधिकारियों के मुताबिक, बिना भक्तों के हुए इस ऐतिहासिक रथ यात्रा के लिए एक स्मारक के रूप में इन रथों को संजोया जाएगा।