अयोध्या में श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जमीन की खरीद के नाम पर करोड़ों के घोटाले का आरोप लग रहा है. AAP सांसद संजय सिंह और SP के पूर्व राज्य मंत्री पवन पाण्डेय ने दस्तावेजों के साथ ये आरोप लगाए हैं. संजय सिंह ने जहां लखनऊ में प्रेस कांफ्रेंस की और दस्तावेज पेश किए, वहीं पवन पाण्डेय ने अयोध्या में पत्रकारों के सामने फ्रॉड किए जाने के आरोप लगाए. हालांकि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि पूरी जांच के बाद ही प्रतिक्रिया दे सकते हैं. आइए जानते हैं राम मंदिर ट्रस्ट पर क्या आरोप लग रहे हैं?
सवाल - जिस जमीन पर फ्रॉड का आरोप वो कहां है?
जवाब- अयोध्या सदर तहसील के बाग बिजैसी गांव में 12,080 वर्ग मीटर की जमीन
सवाल- क्या आरोप लगा है राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर?
जवाब- 2 करोड़ रुपये की जमीन को 18.5 करोड़ रुपये में खरीदा. 10 मिनट के अंदर ही जमीन की कीमत 16 करोड़ रुपये बढ़ गई.
सवाल - किसने किससे जमीन खरीदी?
जवाब-
18 मार्च को शाम 7 बजकर 10 मिनट पर सुल्तान अंसारी और रवि मोहन तिवारी ने कुसुम और हरीश पाठक से 2 करोड़ में जमीन खरीदी
उसी दिन शाम 7 बजकर 15 मिनट पर चंपत राय ने ये जमीन सुल्तान और रवि मोहन से 18.5 करोड़ में खरीदी
( बाइट- संजय सिंह - "कोई कल्पना भी नहीं कर सकता कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के नाम पर कोई घोटाला और भ्रष्टाचार करने की हिम्मत करेगा. लेकिन जो कागजात मैं आपको दिखाने जा रहा हूं वे चिल्ला-चिल्ला कर कह रहे हैं कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट के नाम पर चंपत राय जी ने करोड़ों रुपए चंपत कर दिए." )
बाइट -पवन पांडे
सवाल- दोनों सौदों में गवाह कौन था?
जवाब-
अनिल मिश्रा और अयोध्या के मेयर ऋषिकेश उपाध्याय
सवाल- स्टैम्प की खरीद में भी घालमेल हुआ?
जवाब-
सबसे पहले जमीन रवि मोहन तिवारी और सुल्तान अंसारी ने खरीदी
इन दोनों ने 5 बजकर 22 मिनट में स्टैम्प की खरीद की
बाद में इन दोनों ने ये जमीन जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को बेच दी
लेकिन उसका स्टैम्प शाम को 5 बजकर 11 मिनट पर ही खरीद लिया गया था
बाइट- सुरजेवाला
सवाल- गड़बड़ी के आरोपों पर ट्रस्ट का क्या कहना है?
जवाब-
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा- स्टडी के बाद देंगे जवाब
हम पर 100 सालों से ऐसे आरोप लगते रहे हैं, हम इसकी चिंता नहीं करते
बाइट- चंपत राय या अयोध्या मेयर
अब आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने पूरे मामले की ED और CBI से जांच की मांग की है, तो वहीं कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस ने पीएम से सवाल पूछा है.