राजीव कपूर महज़ 58 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए. राज कपूर के बेटे और ऋषि कपूर के भाई राजीव को कभी भी कपूर खानदान के बाकी सितारों जैसी सफलता नहीं मिली. इस बार में उन्होंने एक बार बातचीत में बताया था कि वो क्यों असफल रह गए. इसका कारण उन्होंने शम्मी कपूर को बताया था.
2016 में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि 1985 में आई उनकी 'राम तेरी गंगा मैली' सबसे सफल फिल्म रही. इसके बाद उनकी आसमान, जबरदस्त, लवर बॉय और हम तो चले परदेस जैसी कई फिल्में आईं लेकिन इन फिल्मों से राजीव के हाथ निराशा ही लगी.
इसका एक बड़ा कारण बताते हुए उन्होंने कहा था कि लोग उन्हें उनके अंकल शम्मी कपूर की तरह देखते थे. ऐसे में उनकी तुलना शम्मी कपूर से होने लगी. उन्होंने ये भी कहा कि जब तक फिल्में हिट होती हैं तब तक सब ठीक होता. लेकिन फिल्म असफल होने पर करियर ढलान पर आ जाता है.
बता दें कि मंगलवार को हार्ट अटैक आने के बाद राजीव दुनिया को अलविदा कह गए.